Parent Tips : हर मां-पिता की ये आम शिकायत होती है कि बच्चे स्कूल से लंच बॉक्स वैसे का वैसा वापस ले आते हैं. कभी खाना ठंडा होने की वजह से, तो कभी स्वाद पसंद न आने पर बच्चे लंच नहीं खाते. इससे न सिर्फ उनका पोषण प्रभावित होता है, बल्कि मां-बाप की मेहनत भी बेकार जाती है. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो घबराइए नहीं। कुछ छोटे-छोटे बदलाव और समझदारी से आप बच्चों का लंच बॉक्स ऐसा बना सकते हैं कि वो शौक से पूरा खाएं और खुशी-खुशी खाली डब्बा वापस लाएं.
1. बच्चों की पसंद को समझें:
हर बच्चे की खाने की पसंद अलग होती है. अगर बच्चा किसी चीज़ को नहीं खाना चाहता, तो ज़बरदस्ती न करें. उसकी पसंद के अनुसार हेल्दी विकल्प तैयार करें. जैसे अगर उसे पराठा पसंद नहीं, तो उसे चीज़-सैंडविच या इडली दी जा सकती है.
2. रंग-बिरंगे और क्रिएटिव फूड आइडिया अपनाएं:
बच्चे विज़ुअल चीज़ों को लेकर जल्दी आकर्षित होते हैं. अगर आप लंच को रंग-बिरंगे और मज़ेदार शेप में पेश करेंगे, तो उनकी दिलचस्पी बढ़ेगी. सब्ज़ियों को कट करके स्माइली, स्टार या कार्टून शेप में देना एक अच्छा तरीका हो सकता है.
3. छोटी मात्रा में दें, लेकिन पौष्टिक:
बच्चे अक्सर कम समय में लंच करते हैं, इसलिए लंच बॉक्स में बहुत ज्यादा भराव न रखें। थोड़ा लेकिन पौष्टिक खाना दें जो आसानी से खाया जा सके. जैसे मिनी पराठा रोल, वेज कटलेट, फ्रूट सलाड या सूखा पोहा.
4. एक जैसी चीज़ें रोज़ न दो:
रोज़ एक ही तरह का खाना बच्चों को बोर कर सकता है. वेरायटी लाएं – कभी सैंडविच, कभी पास्ता, कभी चिल्ला या फ्रूट-कर्ड राइस। इससे उनका मन बना रहेगा और खाना बचाने की आदत कम होगी.
5. खाना ठंडा न हो इसका ध्यान रखें:
कुछ खाने की चीज़ें ठंडी होकर स्वादहीन लगती हैं, जैसे पूरी-सब्ज़ी या दाल-चावल. कोशिश करें ऐसे विकल्प दें जो ठंडे होने पर भी स्वाद में अच्छे लगें, जैसे वेज रैप्स, उपमा, सूखा इडली फ्राय आदि.
6. बच्चों को साथ बिठाकर लंच बॉक्स की प्लानिंग करें:
अगर आप हफ्ते की लंच प्लानिंग में बच्चों को शामिल करेंगे तो उन्हें यह एहसास होगा कि उनकी पसंद का ध्यान रखा जा रहा है. इससे उनका खाने में इंटरेस्ट बढ़ेगा.
7. लंच बॉक्स में कभी-कभी छोटा सरप्राइज डालें:
कभी-कभी लंच बॉक्स में कोई छोटी सी टreat जैसे होममेड लड्डू, चॉकलेट या नोट लिखकर देने से बच्चों को अच्छा महसूस होता है और वो खुशी-खुशी खाना खाते हैं.
बच्चों के लंच बॉक्स को केवल खाने का जरिया नहीं, बल्कि प्यार और पोषण का पैकेट बनाएं. थोड़ी सी समझदारी, रचनात्मकता और बच्चों की पसंद का ध्यान रखकर आप उन्हें हेल्दी खाने की आदत सिखा सकते हैं. याद रखें – जब बच्चे स्वाद और मज़ा दोनों लंच बॉक्स में पाएंगे, तो खाना कभी भी बचाकर नहीं लाएंगे.