प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वार्षिक संवाद कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ (Pariksha Pe Charcha) इस वर्ष भी रिकॉर्ड-तोड़ लोकप्रियता हासिल कर चुका है. परीक्षा पे चर्चा 2026 के लिए अब तक तीन करोड़ से अधिक छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में एक बड़ा उत्साह और सहभागिता दर्शाता है। यह कार्यक्रम छात्रों को परीक्षा-संबंधी तनाव से निपटने के लिए सकारात्मक सोच, प्रेरणा और व्यवहारिक सुझाव देने का एक अनूठा मंच है.
कार्यक्रम का उद्देश्य और महत्व
परीक्षा पे चर्चा का मुख्य उद्देश्य परीक्षा के समय छात्रों में उत्पन्न होने वाले तनाव, डर और दबाव को कम करना और उन्हें आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। प्रधानमंत्री मोदी इस मंच के माध्यम से सीधे छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से जुड़ते हैं तथा उन्हें परीक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए मार्गदर्शन देते हैं. इसके अलावा, यह पहल सिर्फ परीक्षा-समय की चिंता दूर करने तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा के प्रति समग्र और उत्साहपूर्ण सोच को बढ़ावा देती है। यह कार्यक्रम छात्रों को मानसिक रूप से सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ अभिभावकों और शिक्षकों को भी बच्चों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने में मदद करता है.
रजिस्ट्रेशन संख्या का इतिहास और नवीनतम आँकड़े
इस वर्ष 2026 संस्करण के लिए 30 दिसंबर 2025 तक 3 करोड़ से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन किया है. इस आंकड़े में लगभग 2.85 करोड़ छात्र, 17 लाख शिक्षक और 3.49 लाख अभिभावक शामिल हैं, जो कि कार्यक्रम की महत्ता और व्यापक स्वीकार्यता को दर्शाता है. पंजीकरण प्रक्रिया 1 दिसंबर 2025 से MyGov पोर्टल पर शुरू हुई थी और यह 11 जनवरी 2026 तक खुली रहेगी.
परीक्षा पे चर्चा की शुरुआत 2018 में हुई थी, जब पहली बार लगभग 22 हजार प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था. तब से इस कार्यक्रम की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। उदाहरण के लिए, 2025 संस्करण में 3.56 करोड़ से अधिक पंजीकरण हुए थे, और कार्यक्रम ने गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड भी स्थापित किया था.
कैसे होते हैं कार्यक्रम के चयन और गतिविधियाँ
इस कार्यक्रम में सिर्फ रजिस्ट्रेशन भरना ही काफी नहीं है – प्रतिभागियों को मुख्य कार्यक्रम में चुना जाता है. इसके लिए MyGov पोर्टल पर एक ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित की जाती है, जिसमें छात्र, शिक्षक और अभिभावक भाग लेते हैं। यह प्रतियोगिता बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से आयोजित होती है। चुने गए प्रतिभागियों को मुख्य कार्यक्रम में शामिल होने के साथ-साथ प्रेरक गतिविधियों और विशिष्ट पुरस्कारों का अवसर भी मिलता है. इस कार्यक्रम में केवल परीक्षा-संबंधी सुझाव ही नहीं दिए जाते, बल्कि यह समग्र शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, आत्म-विश्वास, सामाजिक जिम्मेदारी, देश-भक्ति, और जीवन मूल्यों पर भी विचार साझा करने का मंच बन गया है.
बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए संदेश
‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम छात्रों को यह संदेश देता है कि परीक्षा केवल एक चुनौती नहीं बल्कि खुद को बेहतर समझने, सीखने और आत्म-विश्वास बढ़ाने का अवसर है। पीएम मोदी कहते हैं कि परीक्षा का तनाव अपरिहार्य भाग है, लेकिन सही दृष्टिकोण और मजबूत मानसिकता से इसे उत्सव के रूप में स्वीकार किया जा सकता है. यह पहल न केवल छात्रों को प्रेरित करती है, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों को भी सहयोगी भूमिका निभाने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती है। कार्यक्रम की व्यापक पहुंच और जबरदस्त प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि भारत में शिक्षा समुदाय परीक्षा-सम्बंधी सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक समान धारा में आगे बढ़ रहा है.