Parliament Monsoon Session LIVE: संसद के मानसून सत्र में बुधवार को भी हंगामे का दौर जारी रहा। लोकसभा में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट यानी FCRA संशोधन विधेयक पेश किया। बिल पेश होते ही विपक्षी सांसदों ने इसका विरोध शुरू कर दिया और सरकार से इसे वापस लेने की मांग की। सदन में विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की, जिसके चलते कार्यवाही प्रभावित हुई। सरकार की ओर से बिल को आगे की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति यानी JPC के पास भेजने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
विपक्ष ने बिल को वापस लेने की मांग की
FCRA संशोधन विधेयक पेश होने के बाद कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल उठाए। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने विधेयक को वापस लेने की मांग की। विपक्षी सांसदों का कहना है कि इस तरह के महत्वपूर्ण कानून पर सदन में व्यापक चर्चा होनी चाहिए। दूसरी ओर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि जिन विपक्षी दलों को बिल के प्रावधानों पर आपत्ति है, वे संयुक्त संसदीय समिति के सामने अपना पक्ष रख सकते हैं।
JPC को भेजा गया FCRA बिल
सरकार के प्रस्ताव के बाद FCRA संशोधन विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेज दिया गया। समिति विधेयक के प्रावधानों की विस्तार से समीक्षा करेगी और अपनी रिपोर्ट संसद के शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह में पेश करेगी। सरकार का कहना है कि JPC के जरिए सभी पक्षों को विधेयक पर अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। वहीं विपक्ष इसे लेकर अपनी आपत्तियां समिति के सामने रखने की तैयारी में है।
अमित शाह ने चर्चा के लिए लिखी चिट्ठी
संसद में गतिरोध के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर छात्र प्रदर्शन के मुद्दे पर सदन में चर्चा कराने की पेशकश की। उन्होंने कहा कि सरकार सदन में चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए भी तैयार है। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संसद नियमों और संविधान के अनुसार चलती है। उन्होंने दावा किया कि इस विषय पर पहले ही चर्चा हो चुकी है और सरकार की ओर से जवाब भी दिया जा चुका है।
राम मंदिर चंदे के मुद्दे पर भी हंगामा
विपक्षी सांसदों ने संसद में राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े विवाद को लेकर भी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सदन में ‘चंदा चोर, गद्दी छोड़’ जैसे नारे लगाए गए। विपक्ष का कहना है कि इस मामले पर भी संसद में चर्चा होनी चाहिए। सरकार और विपक्ष के बीच इन मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाने के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
पहले भी हंगामे की भेंट चढ़ी कार्यवाही
मानसून सत्र के दौरान पिछले कई दिनों से छात्र आंदोलन, राम मंदिर चढ़ावे और अन्य मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव देखने को मिला है। मंगलवार को भी हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही समय से पहले स्थगित करनी पड़ी थी। हालांकि इसी दौरान केरल नाम परिवर्तन विधेयक और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम संशोधन विधेयक को ध्वनिमत से पारित किया गया। बुधवार को भी दोनों सदनों में हंगामा जारी रहने से सामान्य कामकाज प्रभावित हुआ।