संसद के मानसून सत्र के दसवें दिन बुधवार को लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा आगे बढ़ी। दोपहर 12 बजे से शुरू हुई बहस में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि छात्रों का प्रदर्शन हिंसा नहीं, बल्कि उनकी अभिव्यक्ति था। बहस पूरी होने के बाद बिल पर सदन में मतदान हो सकता है।
राहुल गांधी बोले- युवाओं को सम्मान चाहिए
लोकसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने युवाओं और छात्रों के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि देश के युवा सम्मान चाहते हैं और वह छात्रों की राय से सहमत हैं।राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि वहां जो हुआ, उस पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए। उन्होंने छात्रों के आंदोलन को उनके विचार और असंतोष की अभिव्यक्ति बताया।
‘छात्रों का आंदोलन हिंसा नहीं था’
एंटी पेपर लीक बिल पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों का आंदोलन हिंसा नहीं था, बल्कि वह अभिव्यक्ति थी। उनके इस बयान के साथ सदन में पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई।राहुल गांधी से पहले राजस्थान के नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल लोकसभा में अपनी बात रख रहे थे। इसके बाद राहुल गांधी ने विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लिया।
क्या है लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026?
लोकसभा में जिस विधेयक पर चर्चा चल रही है, उसका उद्देश्य परीक्षाओं में पेपर लीक, धोखाधड़ी, नकल और अन्य अनुचित तरीकों पर रोक लगाने के उपायों को मजबूत करना है।सरकार की ओर से इस विधेयक को परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है। चर्चा पूरी होने के बाद लोकसभा में इस पर वोटिंग होने की संभावना है। यदि विधेयक लोकसभा से पारित होता है तो इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा।
जेडीयू सांसद बोले- बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने वाला बिल
बिहार के सुपौल से जेडीयू सांसद दिलेश्वर कामत ने दूसरे दिन की चर्चा की शुरुआत की। उन्होंने विधेयक को एनडीए सरकार के प्रति लोगों में उम्मीद और भरोसा बढ़ाने वाला बताया।कामत ने कहा कि यह बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने वाला विधेयक है। परीक्षा में गड़बड़ी और अनुचित तरीकों पर रोक लगाने के लिए मजबूत व्यवस्था की जरूरत पर भी सदन में जोर दिया गया।
पप्पू यादव ने NTA चेयरमैन पर उठाया सवाल
चर्चा के दौरान सांसद पप्पू यादव ने परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल उठाए। उन्होंने सवाल किया कि पेपर लीक के बाद भी NTA चेयरमैन को पद से क्यों नहीं हटाया गया।
उनके इस सवाल के साथ परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही और पेपर लीक मामलों में जिम्मेदारी तय करने का मुद्दा भी सदन की चर्चा में सामने आया।
कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के नारे
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के दौरान विपक्षी सांसदों की ओर से नारेबाजी भी हुई। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर सदस्य सदन नहीं चलाना चाहते तो वह सदन की कार्यवाही बंद कर देंगे।स्पीकर ने विपक्षी सदस्यों से कहा कि किसे सदन में आना है और किसे नहीं, यह तय करने का अधिकार सदस्यों के पास नहीं है। इसके बाद सदन में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा आगे बढ़ी।
बिल पर वोटिंग के बाद तय होगा अगला कदम
लोकसभा में विधेयक पर चर्चा जारी है। बहस पूरी होने के बाद मतदान कराया जा सकता है। लोकसभा से मंजूरी मिलने की स्थिति में विधेयक राज्यसभा में जाएगा। ऐसे में अब सदन में होने वाली चर्चा और वोटिंग पर नजर बनी हुई है।