संसद के आगामी मॉनसून सत्र से पहले केंद्र सरकार ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने की कवायद तेज कर दी है। शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के कार्यालय में एनडीए के वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक हुई, जिसमें सत्र के एजेंडे, विपक्ष की संभावित रणनीति और संसद में पेश किए जाने वाले प्रमुख विधेयकों पर विस्तार से चर्चा की गई। सरकार इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है।
राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक
मॉनसून सत्र की तैयारियों को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के कार्यालय में करीब एक घंटे तक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें गृह मंत्री अमित शाह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सहित एनडीए के कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। बैठक में संसद के सुचारु संचालन, सरकार की प्राथमिकताओं और विपक्ष द्वारा उठाए जा सकने वाले मुद्दों पर रणनीति बनाई गई।
संसद में पेश होंगे पांच नए विधेयक
सरकार मॉनसून सत्र के दौरान पांच नए विधेयक संसद में पेश करने की तैयारी कर रही है। इनमें इनकम टैक्स (संशोधन) विधेयक, 2026, सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026, जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विकास संशोधन विधेयक, 2026 शामिल हैं। इनमें से कुछ विधेयक पहले जारी अध्यादेशों का स्थान लेंगे।
दो लंबित विधेयकों को भी मिलेगा आगे बढ़ाने का मौका
नए विधेयकों के अलावा सरकार दो पहले से लंबित विधेयकों को भी इस सत्र में आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इनमें विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 शामिल हैं। दोनों विधेयकों पर आगे की संसदीय प्रक्रिया इस सत्र में पूरी किए जाने की संभावना है।
आर्थिक सुधार और न्यायिक व्यवस्था पर रहेगा फोकस
सरकार की प्राथमिकता आर्थिक सुधार, न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने, शिक्षा क्षेत्र में बदलाव और एमएसएमई सेक्टर से जुड़े सुधारों को आगे बढ़ाने पर रहेगी। इन क्षेत्रों से जुड़े विधेयकों को मॉनसून सत्र के दौरान प्राथमिकता के आधार पर पेश किए जाने की तैयारी की गई है।
विपक्ष भी करेगा सरकार को घेरने की कोशिश
मॉनसून सत्र के दौरान विपक्ष भी विभिन्न राष्ट्रीय और राजनीतिक मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। ऐसे में संसद के दोनों सदनों में महत्वपूर्ण विधेयकों के साथ-साथ कई मुद्दों पर तीखी बहस होने की संभावना जताई जा रही है। सरकार और विपक्ष दोनों ने अपने-अपने स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं।