संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन भी लोकसभा और राज्यसभा में जोरदार हंगामा देखने को मिला। नीट पेपर लीक, CJP प्रदर्शन और राम मंदिर चढ़ावा विवाद समेत कई मुद्दों को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। लगातार नारेबाजी और विरोध के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। इस बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए छात्रों से माफी मांगने की बात कही।
हंगामे के बीच बार-बार रुकी सदन की कार्यवाही
मॉनसून सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया। पहले कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित की गई और दोबारा शुरू होने पर भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। लगातार नारेबाजी के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से मांगा जवाब
संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों और युवाओं के भविष्य का सवाल सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं को लेकर प्रधानमंत्री को अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए और पूरे मामले पर देश के सामने अपना पक्ष रखना चाहिए।
सरकार और विपक्ष आमने-सामने
सत्र के दौरान विपक्ष ने नीट पेपर लीक, छात्रों से जुड़े मुद्दों और अन्य मामलों पर तत्काल चर्चा की मांग की। विपक्ष का कहना है कि इन विषयों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। वहीं सरकार का रुख है कि सभी विषयों पर चर्चा नियमों के तहत कराई जा सकती है, लेकिन सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलना भी आवश्यक है।
विपक्ष के मार्च की भी चर्चा
संसद में जारी गतिरोध के बीच विपक्षी दलों के सांसदों द्वारा संसद भवन से प्रधानमंत्री कार्यालय तक मार्च निकालने की संभावना पर भी चर्चा रही। इस संबंध में विपक्षी दलों के बीच रणनीति पर विचार किया गया। हालांकि, इस पर अंतिम निर्णय को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई।
सत्र के आगे के कामकाज पर नजर
संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन का अधिकांश समय हंगामे की भेंट चढ़ गया। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आगामी कार्यवाही में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध खत्म होता है या महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा आगे बढ़ पाती है।