संसद के मानसून सत्र के पांचवें दिन भी पेपर लीक के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी टकराव की स्थिति बनी रही। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्ष ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की। हंगामे के बीच राज्यसभा में वंदे मातरम् विधेयक पेश किया गया, जबकि लगातार व्यवधान के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही 27 जुलाई तक स्थगित कर दी गई।
पेपर लीक को लेकर संसद में जारी रहा गतिरोध
मानसून सत्र के पांचवें दिन संसद की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने पेपर लीक के मुद्दे को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया। लोकसभा में विपक्ष के सदस्य सदन के वेल में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। इसी तरह राज्यसभा में भी विरोध के चलते कई बार कार्यवाही बाधित हुई।
हंगामे के बीच राज्यसभा में पेश हुआ वंदे मातरम् विधेयक
राज्यसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर हंगामे के बीच गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने वंदे मातरम् विधेयक सदन में प्रस्तुत किया। विधेयक पेश किए जाने के दौरान विपक्ष ने अपना विरोध जारी रखा। शोर-शराबे के बीच विधायी कार्यवाही आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया, लेकिन व्यवधान लगातार बना रहा।
पेपर लीक पर सरकार सख्त कानून लाने की तैयारी में
संसद में जारी गतिरोध के बीच केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं पर सख्त कानून लाने की तैयारी तेज कर दी है। सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि प्रस्तावित संशोधन के तहत पेपर लीक के मामलों में कड़ी सजा, अधिक जुर्माना और त्वरित सुनवाई की व्यवस्था की जाएगी। फास्ट ट्रैक अदालतों को भी अधिक अधिकार देने पर विचार किया जा रहा है, ताकि ऐसे मामलों का शीघ्र निपटारा हो सके।
विपक्ष ने चर्चा के लिए रखी शर्त, सरकार ने की सहयोग की अपील
विपक्षी दलों ने कहा कि यदि सरकार पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर ठोस विधेयक लेकर आती है तो उस पर चर्चा के लिए तैयार हैं। दूसरी ओर सरकार की ओर से विपक्ष से सदन की कार्यवाही चलाने और प्रस्तावित कानून पर चर्चा में भाग लेने की अपील की गई। दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनने के कारण सदन में गतिरोध बना रहा।
करगिल शहीदों को दी श्रद्धांजलि, फिर स्थगित हुई कार्यवाही
कार्यवाही के दौरान दोनों सदनों में करगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद हंगामा फिर शुरू हो गया। लगातार व्यवधान को देखते हुए लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही 27 जुलाई तक स्थगित कर दी गई। अब अगले सप्ताह होने वाली बैठक में पेपर लीक से जुड़े प्रस्तावित कानून और अन्य महत्वपूर्ण विधायी कार्यों पर सभी की नजरें रहेंगी।