संसद के शीतकालीन सत्र के 10वें दिन कार्यवाही कई मुद्दों को लेकर बेहद गर्म रही। राज्यसभा में पूर्व केंद्रीय मंत्री शिवराज पाटिल को दो मिनट के मौन के साथ श्रद्धांजलि दी गई, वहीं लोकसभा में SIR, वायु प्रदूषण, बेरोजगारी, गोवा अग्निकांड और चुनाव सुधारों पर तीखी बहस छिड़ी रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूपी के एनडीए सांसदों से मुलाकात और विपक्ष के कई सवालों ने आज की कार्यवाही को और महत्वपूर्ण बना दिया।
राज्यसभा में शिवराज पाटिल को श्रद्धांजलि
पूर्व केंद्रीय मंत्री शिवराज पाटिल के निधन पर राज्यसभा में सांसदों ने गहरा शोक व्यक्त किया। सदन ने दो मिनट का मौन धारण कर उन्हें सम्मान दिया। वरिष्ठ नेताओं ने पाटिल के राजनीतिक योगदान और उनके शांत स्वभाव को याद करते हुए कहा कि देश ने एक संस्कारी और अनुभवी नेता खो दिया है। सदस्यों ने उनके सेवा-समर्पण को भारतीय राजनीति की महत्वपूर्ण विरासत बताया।
लोकसभा में भविष्य की दिशा पर चर्चा की बात
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि सदन में केवल आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर भारत के भविष्य पर संवाद होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनता से जुड़े मुद्दों पर सहमति बनाना समय की मांग है। राहुल गांधी का कहना था कि देश के विकास के लिए ठोस रोडमैप तय करना ही आज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
सरकार की तैयारी पर किरेन रिजिजू का बयान
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट कहा कि सरकार SIR सहित सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। रिजिजू ने कहा कि सरकार विपक्ष सहित सभी दलों के सुझावों के आधार पर समाधान निकालने को इच्छुक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कानून और नियमों के दायरे में रहते हुए हर मुद्दे पर सार्थक चर्चा होगी।
विपक्ष ने उठाए SIR, बेरोजगारी और प्रदूषण के सवाल
विपक्षी सदस्यों ने SIR, बेरोजगारी और दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को गंभीर बताया। प्रियंका चतुर्वेदी ने बेरोजगारी संकट, गोवा त्रासदी और वायु प्रदूषण को प्रमुख राष्ट्रीय मुद्दे बताते हुए कहा कि इनपर विस्तृत चर्चा आवश्यक है। वहीं डिंपल यादव ने SIR अभियान में देरी पर सवाल उठाते हुए सरकार पर ध्यान भटकाने की राजनीति करने का आरोप लगाया।
पीएम मोदी की बैठक और सदन में जारी तनाव
आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी के एनडीए सांसदों से मुलाकात कर सत्र की रणनीति पर चर्चा की। इधर सदन में चुनाव सुधारों और SIR के मुद्दे पर बहस तेज रही। राहुल गांधी और अमित शाह के बीच तीखे आरोपों के बाद माहौल और गर्म हो गया। दोनों सदनों की कार्यवाही, वंदे मातरम विवाद और लगातार उठते सवालों के चलते कई बार बाधित भी हुई।