संसद के बजट सत्र के सातवें दिन राजनीतिक माहौल बेहद गर्म नजर आया। लोकसभा में हंगामे के बीच राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना ही पारित हो गया, जबकि राज्यसभा में उनके शाम पांच बजे जवाब देने की घोषणा की गई। इसी दौरान निलंबित सांसदों का प्रदर्शन, सत्ता पक्ष–विपक्ष की तीखी बयानबाजी और बच्चों के लापता होने का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा।
लोकसभा में हंगामे के बीच पारित हुआ प्रस्ताव
दिन की शुरुआत लोकसभा में तीखी नोकझोंक के साथ हुई। लगातार व्यवधान के कारण प्रधानमंत्री अपने निर्धारित जवाब नहीं दे सके और अंततः राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव सदन में पारित कर दिया गया। इसके बाद कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इस घटनाक्रम को लेकर विपक्ष ने नाराजगी जताई, वहीं सत्ता पक्ष ने चर्चा के लिए तैयार रहने की बात दोहराई।
निलंबित सांसदों का संसद परिसर में प्रदर्शन
बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किए गए आठ लोकसभा सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया। मकर द्वार के पास उन्होंने सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ नारे लगाए तथा हाथों में बैनर लेकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ जैसे नारे गूंजे, जिससे राजनीतिक तापमान और बढ़ गया।
जेपी नड्डा का विपक्ष पर तीखा हमला
सत्ता पक्ष के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने विपक्ष पर विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन इसके बावजूद विपक्ष बार-बार वॉकआउट कर रहा है। नड्डा ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में संवाद जरूरी है और सदन किसी एक परिवार का बंधक नहीं बन सकता।
बच्चों के लापता होने का मुद्दा उठा
आम आदमी पार्टी के सांसद संदीप पाठक ने सदन में बच्चों के गायब होने का गंभीर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राजधानी समेत देशभर में हर साल हजारों बच्चे लापता हो रहे हैं और यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। उनके अनुसार, औसतन हर कुछ मिनट में एक बच्चा गायब होने की बात सामने आ रही है, जिस पर ठोस कदम उठाने की मांग की गई।
राज्यसभा में खरगे–नड्डा की बहस और पीएम का इंतजार
राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खरगे और जेपी नड्डा के बीच तीखी बहस देखने को मिली। खरगे ने लोकसभा की कार्यवाही को लेकर सवाल उठाए, जिस पर नड्डा ने आपत्ति जताई। इसी बीच घोषणा हुई कि प्रधानमंत्री शाम पांच बजे राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर अपना जवाब देंगे, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी रहीं।