Women Reservation Bill : संसद का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार अक्टूबर के आखिर में संसद की विशेष बैठक बुला सकती है। इस सत्र में परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक पेश करने की योजना है। सरकार को भरोसा है कि इस बार लोकसभा में विधेयकों को पास कराने के लिए जरूरी समर्थन जुटाया जा सकता है। हालांकि, सत्र की तारीख और कार्यसूची को लेकर अभी अंतिम फैसला होना बाकी है।
परिसीमन और महिला आरक्षण पर नजर
सरकार की योजना परिसीमन और लोकसभा के साथ राज्य विधानसभाओं में महिला आरक्षण लागू करने से जुड़े विधेयकों को आगे बढ़ाने की है। इन मुद्दों पर पहले भी संसद में चर्चा हो चुकी है। सरकार अब नए सिरे से समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है। सूत्रों का कहना है कि लोकसभा में अपनी संख्या को लेकर सरकार आश्वस्त है। ऐसे में विशेष सत्र के जरिए इन प्रस्तावों को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
पहले लोकसभा में गिर चुका है विधेयक
सरकार को इस मुद्दे पर पहले झटका लग चुका है। खबर के मुताबिक, बजट सत्र के दौरान 17 अप्रैल को परिसीमन और महिला आरक्षण लागू करने से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में जरूरी समर्थन नहीं जुटा पाया था। अब सरकार दोबारा इस दिशा में कोशिश कर रही है। इस बार उसकी रणनीति विपक्षी दलों से बातचीत करके समर्थन बढ़ाने की है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार अपने पक्ष में कितने दलों को साथ ला पाती है।
डीएमके समेत विपक्षी दलों से बातचीत
सूत्रों के मुताबिक, सरकार द्रविड़ मुनेत्र कषगम यानी डीएमके और कुछ छोटे विपक्षी दलों के संपर्क में है। इन दलों से बातचीत का मकसद विधेयकों पर समर्थन हासिल करना बताया जा रहा है। सरकार चाहती है कि मतदान से पहले सदन में अपनी स्थिति मजबूत कर ली जाए। हालांकि, इन बातचीत का अंतिम नतीजा क्या होगा और कौन-से दल समर्थन देंगे, यह अभी साफ नहीं है।
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विशेष सत्र की तारीख पर भी मंथन
संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त को खत्म हुआ था, लेकिन उसका औपचारिक सत्रावसान नहीं हुआ है। ऐसे में सरकार के लिए विशेष बैठक बुलाने का रास्ता खुला हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, विशेष सत्र की तारीख तय करते समय 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच का ध्यान रखा जाएगा। यह कार्यक्रम 26 और 27 अक्टूबर को संविधान सदन में होना है। विशेष बैठक बुलाने से पहले करीब एक हफ्ते का नोटिस दिए जाने की संभावना भी जताई गई है।
एसआईआर को लेकर विपक्ष का विरोध जारी
एक तरफ सरकार विशेष सत्र की तैयारी कर रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विरोध कर रहा है। इन मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ा हुआ है। ऐसे माहौल में परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक संसद में नई बहस छेड़ सकते हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि विशेष सत्र कब बुलाया जाता है और सरकार को अपने प्रस्तावों पर कितना समर्थन मिलता है।