Remove Lok Sabha Speaker: लोकसभा में स्पीकर को पद से हटाने के प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्ष की ओर से लाए गए प्रस्ताव पर सोमवार को चर्चा होने वाली है। इस प्रस्ताव का संबंध लोकसभा अध्यक्ष Om Birla से है। विपक्ष चाहता है कि इस मुद्दे पर चर्चा के बाद मतदान भी कराया जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कौन सांसद प्रस्ताव के समर्थन में है और कौन इसके विरोध में। सरकार भी चर्चा के लिए तैयार नजर आ रही है।
बहुमत किसके पास
लोकसभा में कुल 543 सीटें हैं, हालांकि फिलहाल दो सीटें खाली हैं। ऐसे में सदन की प्रभावी संख्या 541 हो जाती है। किसी भी प्रस्ताव को खारिज करने के लिए 271 मतों की आवश्यकता होगी। मौजूदा स्थिति में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पास संख्या बल अधिक बताया जा रहा है।
एनडीए का समर्थन
एनडीए के कुल सांसदों की संख्या करीब 293 बताई जा रही है। इसमें भारतीय जनता पार्टी के साथ कई सहयोगी दल भी शामिल हैं। इन दलों में तेलुगू देशम पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड), शिवसेना, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), राष्ट्रीय लोक दल और जनता दल (सेक्यूलर) जैसे दलों के सांसद भी शामिल हैं।
सभी दल एकजुट नहीं
विपक्षी दलों के गठबंधन के पास लगभग 200 से अधिक सांसदों का समर्थन माना जा रहा है। कांग्रेस, डीएमके, शिवसेना (यूबीटी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) और राष्ट्रीय जनता दल जैसे दल प्रस्ताव के समर्थन में बताए जा रहे हैं। हालांकि कुछ दल इस मुद्दे पर पूरी तरह एकमत नहीं दिख रहे हैं, जिससे विपक्ष की रणनीति पर असर पड़ सकता है।
सांसदों को मौजूद रहने का निर्देश
इस महत्वपूर्ण चर्चा को देखते हुए कई राजनीतिक दलों ने अपने सांसदों को सदन में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ने अपने-अपने सांसदों के लिए व्हीप जारी किया है। नियमों के अनुसार प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान लोकसभा अध्यक्ष सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता नहीं करेंगे, लेकिन वे सदन में मौजूद रह सकते हैं और मतदान में भाग लेने का अधिकार रखते हैं।