NTA Reforms: नीट पेपर लीक विवाद और प्रशासनिक कमियों के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में राज्यसभा सांसद मुकुल वासनिक की अध्यक्षता वाली शिक्षा, महिला, बच्चे, युवा और खेल संबंधी संसदीय समिति ने राज्यसभा के सभापति को एक अहम रिपोर्ट सौंपी है। इस रिपोर्ट में परीक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए कई कड़े और छात्र-हित में सुझाव दिए गए हैं।
परीक्षा के दिन राजनीतिक रैलियों और जुलूसों पर रोक
समिति का कहना है कि परीक्षा वाले दिन शहर में सार्वजनिक रैलियां या जुलूस होने से भारी ट्रैफिक जाम लग जाता है। जिससे छात्र समय पर सेंटर नहीं पहुंच पाते। इसके लिए सार्वजनिक परीक्षाएं अधिनियम 2024 में संसोधन करने की मांग की गई है। ताकि परीक्षा के दिन जिला प्रशासन किसी भी बड़ी रैली या जुलूस की अनुमित न दे और ट्रैफिक की पुख्ता व्यवस्था हो सके। जिससे किसी भी छात्र को कोई भी परेशानी न हो।
देरी से पहुंचने वाले छात्रों के लिए नियम
अक्सर परीक्षा केंद्र पर कुछ मिनट की देरी होने पर छात्रों को एंट्री नहीं दी जाती है, जिससे उनकी सालभर की मेहनत खराब हो जाती है। समिति ने सुझाव दिया है कि थोड़ा लेट होने वाले चात्रों के लिए अंडरटेकिंग लेकर परीक्षा में बैठने का नियम बनाया जाना चाहिए।
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परीक्षा के दौरान कागजी कार्रवाई पर रोक
परीक्षा के समय इनविजिलेटर कागजी कार्रवाई और अटेंडेंस में व्यस्त रहते हैं, जिससे छात्रों का कीमती समय खराब होता है। समिति ने सलाह दी है कि साइन और चेकिंग जैसी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए परीक्षा के आखिर में अलग से 15 मिनट का समय रखा जाना चाहिए।