Parvinder Jhotta Murder : पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई को सौंपने का ऐलान किया है। परिवार लगातार इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार परविंदर के परिवार के साथ खड़ी है और पंजाब को नशे से मुक्त करने की लड़ाई जारी रहेगी। इस फैसले के बाद अब सभी की नजर जांच पर टिकी है।
https://twitter.com/bhagwantmann/status/2112398351430045787
13 अक्टूबर को हुई थी परविंदर की हत्या
परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह नशे के खिलाफ अभियान चलाते थे और नशे की बिक्री के खिलाफ आवाज उठाते थे। खबरों के मुताबिक, एक मेडिकल स्टोर पर नशे की दवाइयों की बिक्री को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान परविंदर को गोली मार दी गई। इस घटना के बाद इलाके में गुस्सा फैल गया और लोगों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।
परिवार ने रखी थी सीबीआई जांच की मांग
परविंदर की हत्या के बाद उनके परिवार ने मामले की जांच पंजाब पुलिस से हटाकर सीबीआई को सौंपने की मांग की थी। परिवार का कहना था कि मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए और हत्या के पीछे अगर कोई बड़ी साजिश है, तो उसका भी खुलासा होना चाहिए। परिजनों और समर्थकों ने न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया। परिवार ने साफ किया था कि उनके लिए सबसे जरूरी बात न्याय मिलना है। इसी मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री ने जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला बताया।
अमित शाह के दौरे से पहले हुआ बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री भगवंत मान का यह ऐलान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे से कुछ घंटे पहले आया। अमित शाह के मानसा में परविंदर के परिवार से मिलने का कार्यक्रम था। ऐसे में सीबीआई जांच की घोषणा को इस मामले में अहम कदम माना जा रहा है। हत्या को लेकर राज्य सरकार पर लगातार सवाल उठ रहे थे। विपक्षी दल भी इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहे थे। हालांकि, जांच से जुड़े सभी सवालों के जवाब अब आगे की कार्रवाई से ही सामने आएंगे।
अब जांच से खुलेगा हत्या का राज
सीबीआई जांच की घोषणा के बाद परिवार और समर्थकों को उम्मीद है कि मामले से जुड़े हर पहलू की जांच होगी। हालांकि, जांच में क्या सामने आएगा, यह अभी कहना जल्दबाजी होगी। सबसे अहम बात यह है कि हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई हो और अगर किसी साजिश के सबूत मिलते हैं, तो उनकी भी जांच हो। पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ाई के बीच यह मामला एक बड़ा सवाल बन गया है। अब देखना होगा कि जांच कब शुरू होती है और इससे जुड़े बाकी सवालों के जवाब कब मिलते हैं।