उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में यमुना किनारे स्थित एक अनोखा हनुमान मंदिर लोगों की आस्था के साथ-साथ रहस्य और चमत्कार का केंद्र बना हुआ है। यहां बजरंगबली की मूर्ति से हर वक्त पसीने की तरह पानी बहता रहता है, जो भक्तों और शोधकर्ताओं दोनों को हैरान कर देता है। स्थानीय लोग इसे ‘पसीना वाले हनुमान जी’ का मंदिर कहते हैं। मान्यता है कि इस मंदिर में दर्शन मात्र से कष्ट दूर हो जाते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
राजा चंद्रसेन ने करवाया था निर्माण, फिर हुआ विलुप्त
फिरोजाबाद से करीब 7 किलोमीटर दूर यमुना नदी के किनारे स्थित यह मंदिर ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से खास है। कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण चंद्रवाड़ नगरी के शासक राजा चंद्रसेन ने करवाया था। समय के साथ यह मंदिर लुप्त हो गया, लेकिन एक दिन एक संत यहां पहुंचे और मूर्ति की पुनः स्थापना कर पूजा-अर्चना शुरू की। तभी से यह स्थल भक्तों के लिए आस्था का केंद्र बन गया।
मूर्ति से हर समय बहता है पसीना
इस मंदिर की सबसे रहस्यमयी बात यह है कि यहां स्थापित बजरंगबली की मूर्ति से सर्दी, गर्मी या बारिश—हर मौसम में पसीने की तरह पानी निकलता रहता है। यह दृश्य श्रद्धालुओं को न सिर्फ चमत्कारी लगता है, बल्कि वैज्ञानिकों के लिए भी शोध का विषय बन चुका है। हालांकि आज तक इस रहस्य का कोई वैज्ञानिक कारण नहीं मिल पाया है।
मंगलवार को उमड़ती है भीड़, होती है विशेष पूजा
मंदिर के पुजारी धर्मराज के अनुसार, हर मंगलवार को विशेष रूप से हनुमान चालीसा का पाठ और आरती होती है। भक्त दूर-दूर से यहां दर्शन करने आते हैं और अपनी मन्नतें मांगते हैं। सुबह और शाम की आरती में भक्त बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से प्रार्थना करने पर हर परेशानी दूर हो जाती है।