जबलपुर/पाटन। पाटन तहसील के ग्राम चंदवा स्थित कृषि भूमि को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। भूमि के स्वामित्व और नामांतरण को लेकर दोनों पक्षों के बीच कानूनी लड़ाई जारी है। शिकायतकर्ता ने पुलिस थाना पाटन में आवेदन देकर जबरन दखलंदाजी रोकने की मांग की है। मामले में तहसीलदार से लेकर उच्च न्यायालय तक विभिन्न स्तरों पर आदेश पारित हो चुके हैं और वर्तमान में प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है।
क्या है पूरा मामला
ग्राम चंदवा के खसरा नंबर 66, 65/2 और 68/3 की लगभग 7.70 हेक्टेयर भूमि को लेकर विवाद सामने आया है। दस्तावेजों के अनुसार पूर्व स्वामी के निधन के बाद वसीयत के आधार पर नामांतरण की प्रक्रिया की गई। तहसीलदार द्वारा 20 अक्टूबर 2020 को पारित आदेश में नाम दर्ज किए जाने की कार्रवाई हुई, जिसके खिलाफ अन्य पक्ष ने आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद मामला अनुविभागीय अधिकारी और अतिरिक्त आयुक्त स्तर तक पहुंचा।
न्यायालयों में चली लंबी कानूनी प्रक्रिया
प्रकरण में दीवानी न्यायालय, जिला न्यायाधीश और उच्च न्यायालय में अलग-अलग याचिकाएं दायर की गईं। कुछ आदेशों में यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए, वहीं अन्य आदेशों में नामांतरण संबंधी निर्णयों को बरकरार रखा गया। एक पक्ष का आरोप है कि न्यायालयीन आदेशों के बावजूद जमीन पर जबरन हस्तक्षेप की कोशिश की जा रही है, जबकि दूसरा पक्ष अपने दावे को वैध बता रहा है।
पुलिस में शिकायत, दखलंदाजी रोकने की मांग
शिकायतकर्ता ने थाना पाटन में आवेदन देकर आरोप लगाया है कि प्रतिपक्ष द्वारा भूमि पर कब्जा करने और हस्तक्षेप की कोशिश की जा रही है। आवेदन में संबंधित राजस्व और न्यायालयीन आदेशों का हवाला देते हुए सुरक्षा और कानूनी संरक्षण की मांग की गई है।
मामला न्यायालय में विचाराधीन
भूमि स्वामित्व और कब्जे से जुड़ा यह विवाद फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। अंतिम निर्णय आने तक दोनों पक्ष अपने-अपने दस्तावेजों के आधार पर कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर भी आदेशों के पालन को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।