श्रीलंका के युवा भाला फेंक खिलाड़ी रुमेश थरंगा पथिराजे ने खेल जगत में बड़ा इतिहास रच दिया है। 23 साल के इस खिलाड़ी ने डायमंड लीग में अपने पहले ही मुकाबले में ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने पूरे एशिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पथिराजे ने 92.62 मीटर का शानदार थ्रो कर नया रिकॉर्ड बना दिया और एशिया के सबसे सफल भाला फेंक खिलाड़ियों की सूची में बड़ी छलांग लगा दी।
नीरज को छोड़ा पीछे
इस ऐतिहासिक थ्रो के साथ पथिराजे ने टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी नीरज चोपड़ा को पीछे छोड़ दिया है। नीरज का सर्वश्रेष्ठ थ्रो 90.23 मीटर रहा था, जो उन्होंने दोहा डायमंड लीग 2025 में किया था। अब 92.62 मीटर के साथ पथिराजे एशिया के दूसरे सबसे लंबे थ्रो करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। यह उपलब्धि उनके करियर की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है।
अरशद अब भी नंबर-1
एशियाई रिकॉर्ड की बात करें तो पाकिस्तान के भाला फेंक खिलाड़ी अरशद नदीम अभी भी पहले स्थान पर बने हुए हैं। उन्होंने पेरिस ओलंपिक में 92.97 मीटर का थ्रो किया था। पथिराजे उस रिकॉर्ड से बहुत थोड़ा पीछे रहे, लेकिन उन्होंने बाकी सभी एशियाई खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए दूसरा स्थान अपने नाम कर लिया।
चीन के खिलाड़ी भी पीछे
पथिराजे ने सिर्फ नीरज चोपड़ा को ही नहीं बल्कि चीनी ताइपे के चेंग चाओ-त्सुन को भी पीछे छोड़ दिया। चेंग ने 2017 में 91.36 मीटर का थ्रो किया था, जो लंबे समय तक एशिया के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में शामिल रहा। अब पथिराजे का नाम इस सूची में उससे ऊपर दर्ज हो गया है।
खुद क्या बोले पथिराजे
अपने शानदार प्रदर्शन के बाद पथिराजे ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि रोम का मौसम उनके लिए काफी मददगार साबित हुआ। उन्होंने कहा कि पिछली प्रतियोगिताओं की तुलना में यहां बेहतर परिस्थितियां मिलीं, जिससे वह अधिक दूरी तक भाला फेंक पाए। उन्होंने यह भी कहा कि यह जीत उनके लिए किसी त्योहार से कम नहीं है और श्रीलंका में लोग इस उपलब्धि का जश्न मना रहे हैं।
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सचिन यादव रहे पीछे
जहां एक ओर पथिराजे ने रिकॉर्ड बनाकर सुर्खियां बटोरीं, वहीं भारत के युवा खिलाड़ी सचिन यादव का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। डायमंड लीग में डेब्यू कर रहे सचिन 10 खिलाड़ियों की सूची में आठवें स्थान पर रहे। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रयास 79.18 मीटर का रहा। हालांकि युवा खिलाड़ी होने के कारण उनसे भविष्य में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है, लेकिन इस प्रतियोगिता में सारी चर्चा रुमेश थरंगा पथिराजे के नाम रही।