इलाज के दौरान मरीज की मौत से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। आरोप था कि एक्सपायरी इंजेक्शन लगाने से मौत हुई है और हालत बिगड़ने पर डाक्टरों ने दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचे आक्रोशित परिजनों को शांत किया और पूरे मामले की जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शांत हुए। कानूनी प्रक्रिया के बाद परिजन शव को ले गए।
अस्पताल में भर्ती कराया गया था
जानी थाना क्षेत्र के सिसौला गांव निवासी हारुन को छह दिन पहले डेंगू और बुखार के कारण बागपत रोड स्थित सिरोही अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान हारुन की हालत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि एक्सपायरी इंजेक्शन लगाने से हारुन की हालत बिगड़ी थी। इस बात पर परिजनों ने हंगामा करना किया था। हंगामे की जानकारी मिलने पर टीपी नगर पुलिस मौके पर पहुंची।
लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा
पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन और परिजनों से बातचीत कर मामला शांत कराया था। अस्पताल प्रबंधन ने उपचार का पूरा बिल माफ करने के बाद हारून को दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया था। इसके बाद परिजन उसे दूसरे अस्पताल लेकर चले गए थे। शनिवार सुबह दूसरे अस्पताल में इलाज के दौरान हारून की मौत हो गई। इसके बाद परिजन दोबारा सिरोही हॉस्पिटल पहुंचे और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
हारून की हालत बिगड़ने से मौत
परिजनों ने एक्सपायरी इंजेक्शन लगाने आरोप फिर से दोहराया। इसकी सूचना हारुन के परिजनों ने डायल-112 पर दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को शांत किया। परिजनों का आरोप है कि इलाज में लापरवाही के कारण हारून की हालत बिगड़ने से मौत हुई है। टीपी नगर पुलिस का कहना था कि मरीज के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।