
Pawan Singh not Contest Elections: भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार और गायक पवन सिंह ने बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए कोई पार्टी जॉइन नहीं की थी और न ही उनका इरादा चुनावी मैदान में उतरने का है। पवन सिंह ने लिखा, “मैं पवन सिंह अपने भोजपुरीया समाज से बताना चाहता हूं कि मैं बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पार्टी ज्वाइन नहीं किया था और नाहीं मुझे विधानसभा चुनाव लड़ना है। मैं पार्टी का सच्चा सिपाही हूं और रहूंगा।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चल रही तमाम चर्चाओं पर रोक लग गई है।
मैं पवन सिंह अपने भोजपुरीया समाज से बताना चाहता हूँ कि मैं बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पार्टी ज्वाइन नहीं किया था और नाहीं मुझे विधानसभा चुनाव लड़ना है |
— Pawan Singh (@PawanSingh909) October 11, 2025
मैं पार्टी का सच्चा सिपाही हूँ और रहूँगा। pic.twitter.com/reVNwocoav
राजनीतिक अटकलों पर लगा ब्रेक
बीते कुछ हफ्तों से पवन सिंह की भाजपा नेताओं से मुलाकातों को लेकर यह चर्चा जोरों पर थी कि वह आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में किसी सीट से उम्मीदवार हो सकते हैं। कई राजनीतिक विश्लेषक इसे उनके करियर का नया अध्याय बता रहे थे। लेकिन अब उनके बयान के बाद यह साफ हो गया है कि वह सक्रिय राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं रखते। पवन सिंह ने अपने प्रशंसकों और समर्थकों से अपील की है कि वे किसी अफवाह पर ध्यान न दें और पार्टी के लिए सकारात्मक भूमिका निभाते रहें।
पत्नी ज्योति सिंह से विवाद जारी
इधर, पवन सिंह अपने निजी जीवन को लेकर भी सुर्खियों में हैं। उनकी पत्नी ज्योति सिंह ने उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ज्योति का कहना है कि पवन सिंह ने उन्हें गर्भपात की दवाएं दीं और विरोध करने पर मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। उन्होंने यह भी बताया कि एक बार तनाव में आकर उन्होंने नींद की गोलियां खा ली थीं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। इस विवाद ने पवन सिंह की छवि पर असर डाला है। वहीं, ज्योति सिंह ने कहा कि “जो व्यक्ति खुद 15 साल से पार्टी में रहकर टिकट नहीं पा सका, वह मुझे क्या दिलवाएगा।” पवन सिंह ने हालांकि इन आरोपों पर अब तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।