पेटीएम ने हालिया बयान में स्पष्ट किया है कि पेमेंट बैंक पर हुई नियामक कार्रवाई का उसके मुख्य कारोबार पर कोई स्थायी असर नहीं पड़ा है। कंपनी का कहना है कि उसका कोर पेमेंट और फाइनेंशियल सर्विस बिजनेस पहले की तरह मजबूती से काम कर रहा है और ग्राहकों तथा मर्चेंट्स का भरोसा बरकरार है।
पेमेंट बैंक से दूरी का दावा
कंपनी ने बताया कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड एक स्वतंत्र इकाई है और उसके साथ पेटीएम का कोई बड़ा व्यावसायिक समझौता या जोखिम नहीं जुड़ा है। कंपनी ने यह भी दोहराया कि बैंक के संचालन में उसका कोई प्रबंधन हस्तक्षेप नहीं है और दोनों इकाइयों का कामकाज अलग-अलग तरीके से चलता है।
सेवाएं बिना रुकावट जारी
पेटीएम ने अपने बयान में कहा कि उसके सभी प्लेटफॉर्म और सेवाएं पूरी तरह सामान्य तरीके से चल रही हैं। इसमें पेटीएम ऐप, यूपीआई सेवाएं, क्यूआर कोड, साउंडबॉक्स, कार्ड मशीन, पेमेंट गेटवे और निवेश सेवाएं शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि उसने अन्य बैंक पार्टनर्स के साथ मिलकर अपने सिस्टम को मजबूत किया है ताकि ग्राहकों को किसी तरह की परेशानी न हो।
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वित्तीय जोखिम से किया इंकार
कंपनी ने यह भी साफ किया कि उसने मार्च 2024 में ही पेमेंट बैंक में अपने निवेश को बट्टे खाते में डाल दिया था, इसलिए अब किसी भी तरह का वित्तीय जोखिम नहीं बचा है। कंपनी के अनुसार, उसकी बैलेंस शीट और ऑपरेशन पर इस कार्रवाई का कोई असर नहीं पड़ेगा और वह पहले की तरह अपने विस्तार पर ध्यान दे रही है।
शेयर बाजार में हलचल
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के बीच शेयर बाजार में कुछ असर जरूर देखने को मिला। कंपनी के शेयरों में शुक्रवार को करीब 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई और यह 1147 रुपए के आसपास बंद हुआ। कारोबार के दौरान इसमें हल्का उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला, जिससे निवेशकों की सतर्कता साफ झलकती है।
आगे की रणनीति पर फोकस
पेटीएम का कहना है कि वह अपने डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को और मजबूत करने पर काम कर रही है। कंपनी का फोकस अब ज्यादा से ज्यादा पार्टनर बैंकों के साथ जुड़कर सेवाओं को विस्तार देने और ग्राहकों का भरोसा बनाए रखने पर है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की बाधा से बचा जा सके।