मेरठ। छात्रा ललिता हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज की घटना ठंडा होने का नाम नहीं ले रही है। अब इस मामले में अधिवक्ता अनिल प्रधान की ओर से एसएसपी, एसपी देहात समेत 50 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एससी एसटी कोर्ट में याचिका दायर की गई। याचिका पर तीन अगस्त को सुनवाई होगी।
यह था मामला
टीपी नगर थाना क्षेत्र की गगन एनक्लेव कॉलोनी निवासी वेद प्रकाश गौतम की 21 वर्ष बेटी ललिता गौतम बीए तृतीय वर्ष में पढ़ती थी। 15 मई की सुबह नौ बजे वह परीक्षा देने के लिए घर से कॉलेज गई थी। 16 मई को परिजनों ने उसकी टीपी नगर में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 17 मई को पुलिस ने रोहटा थाना क्षेत्र के उकसिया गांव निवासी श्योपाल सिंह के गन्ने के खेत से ललिता का शव बरामद किया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुख्य आरोपी अंकुश चौधरी निवासी कल्याणपुर गांव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच के दौरान दो आरोपियों के नाम भी प्रकाश में आए थे। इस मामले में 8 जुलाई को पीड़ित परिवार के साथ समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट के गेट पर धरना दिया था। पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया था। इसी दौरान एसएसपी अविनाश पांडेय ने बंदी वाहन के अंदर प्रदर्शन कर रहे रवि गौतम को थप्पड़ मारे थे। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस मामले में पुलिस ने 13 प्रदर्शनकारियों को नामजद करते 50 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
याचिका में संविधान और मानवाधिकारों का हवाला
अधिवक्ता अनिल प्रधान ने एससी एसटी कोर्ट में दायर याचिका में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 का उल्लेख करते हुए कहा है कि प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने और अपनी बात रखने का अधिकार है। बावजूद इसके पुलिस ने खुलेआम लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों के मौलिक अधिकारों का हनन किया। यह मानवाधिकारों का उल्लंघन और लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने का प्रयास किया। याचिका में प्रदर्शन में शामिल रवि कुमार गौतम का भी उल्लेख किया गया है। आरोप लगाया गया है कि पुलिस उन्हें धरना स्थल से उठाकर एकांत स्थान पर ले गई, जहां उनके साथ मारपीट करते हुए अमानवीय व्यवहार किया गया। अधिवक्ता ने इसे मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला बताते हुए अदालत से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और एसएसपी अविनाश पांडेय, एसपी देहात अभिजीत कुमार 50 अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई के आदेश देने की मांग की है। उन्होंने बताया, उनकी याचिका पर तीन अगस्त को सुनवाई है। उधर, इस मामले में पुलिस ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।