UP Government School Merge News: उत्तर प्रदेश में छात्रों की कमी के कारण 5 हजार सरकारी स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया गया है। इसी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई। साथ ही जल्द सुनवाई की भी मांग भी की गई है। याचिका में कहा गया कि सरकार के इस कदम से राज्य में 3 लाख 50 हज़ार से ज़्यादा छात्रों को निजी स्कूलों में दाखिला लेने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट ने भी जल्द सुनवाई का आश्वासन दिया है। साथ ही कहा कि यह सरकार का नीतिगत मामला है।
जल्द सुनवाई की मांग
बता दें कि उत्तर प्रदेश में कम छात्र संख्या वाले 5 हजार सरकारी प्राथमिक स्कूलों को बंद करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। इन सभी स्कूलों में छात्रों की संख्या 70 से भी कम है जिसके चलते इलाहाबाद कोर्ट ने स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया था लेकिन अब इस निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के निर्णय को चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया कि सरकार के इस कदम से राज्य में 3 लाख 50 हज़ार से ज़्यादा छात्रों को निजी स्कूलों में दाखिला लेने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। याचिकाकर्ता के वकील प्रदीप यादव ने कोर्ट से इस संवेदनशील मामले पर शीघ्र सुनवाई करने का आग्रह किया।
क्या है पूरा मामला
बता दें कि जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या कम है उन्हें दूसरे स्कूलों के साथ मर्ज किया जाने का फैसला लिया गया है। यह फैसला 16 जून 2025 को लिया गया था। इस दौरान सरकार ने बताया कि कुछ स्कूलों में छात्रों की संख्या कम है और 18 स्कूलों में छात्र मौजूद नहीं है। इन्हीं कारणों से स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया गया है। साथ ही इन स्कूलों के शिक्षक भी दूसरें स्कूलों में छात्रों का शिक्षा देंगे।