लखनऊ। संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता को लेकर एस. विग्नेश शिशिर ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिकाकर्ता ने लखनऊ के एपपी एमएलए कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। इस मामले में 19 मार्च को अगली सुनवाई होगी।
याचिकाकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने करीब ढाई घंटे तक कोर्ट के सामने अपनी बात रखी। इसके बाद सरकारी पक्ष ने हाईकोर्ट से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है। हाईकोर्ट ने सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए 19 मार्च की तारीख निर्धारित की है।
याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में राहुल गांधी के ब्रिटिश नागरिकता को लेकर कार्यवाही की मांग की है। इससे पहले याचिकाकर्ता ने एमपी एमएलए कोर्ट में मुकदमा दायर किया था। इसकी सुनवाई करते हुए लखनऊ की एमपी एमएलए कोर्ट ने 28 जनवरी को याचिकाकर्ता की मांग को खारिज कर दिया था।
इसके बाद याचिकाकर्ता ने 12 फरवरी 2026 को हाईकोर्ट में अपील की थी। 17 फरवरी को हाईकोर्ट ने शिशिर की याचिका को स्वीकार कर लिया था। दाखिल याचिका सिंगल बेंच के न्यायाधीश राजीव सिंह सुन रहे हैं। याचिकाकर्ता ने कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखते हुए ब्रिटिश नागरिकता को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ रायबरेली के कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
लंबे समय से चल रहा मामला
याचिकाकर्ता ने बताया कि राहुल गांधी के विदेशी नागरिकता को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रायबरेली की एमपी एमएलए कोर्ट में सुनवाई की जा रही थी। इस दौरान उन्हें कई धमकियां मिलीं।
जान का खतरा होने के चलते उन्होंने इस मामले को लखनऊ की एमपी एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर करा लिया। इसके बाद लखनऊ की एमपी एमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई थी। वहां से याचिकाकर्ता की मांग को कोर्ट ने मानने इंकार कर दिया था।
एमपी एमएलए कोर्ट ने क्या कहा था
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर लखनऊ की एमपी एमएलए कोर्ट में दाखिल याचिका को न्यायाधीश ने खारिज कर दिया था। विशेष न्यायाधीश तृतीय एसीजीएम आलोक वर्मा ने नागरिकता को लेकर अपना फैसला सुनाया था।
याचिका दाखिल करने के बाद 8 दिनों तक यह सुनवाई चली, जिसके बाद कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की ओर से कोई निर्णय अभी तक नहीं लिया गया है। नागरिकता के मामले में निर्णय देने का अधिकार इस कोर्ट को नहीं है।
याचिकाकर्ता की ओर से नागरिकता के मामले में कोई नया व ठोस एविडेंस उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसकी वजह से याचिका खारिज की जाती है। राहुल गांधी को ब्रिटिश नागरिक बताते हुए गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज करने के लिए भाजपा सदस्य एस. विग्नेश शिशिर ने बताया कि विशेष न्यायालय एमपी एमएलए ने याचिका को अस्वीकार कर दिया था। आगे की कार्यवाही करते हुए रिवीजन पिटिशन कोर्ट में दाखिल की है।
शिशिर ने कहा कि हम अपने मामले को पूरी तरीके से कोर्ट को समझा नहीं पाए थे। कोर्ट से मामले को समझने में दिक्कत हुई थी, जिसके चलते यह याचिका अस्वीकार्य हो गई थी।