Petrol-Diesel Price Hike: देश में लगातार बढ़ती महंगाई के बीच आम जनता को एक और बड़ा झटका लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में पिछले 10 दिनों के भीतर तीसरी बार बढ़ोतरी कर दी गई है। ईंधन के दाम बढ़ने से लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। खासकर रोजाना वाहन इस्तेमाल करने वाले और परिवहन से जुड़े कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। तेल कंपनियों द्वारा की गई पेट्रोल पर 87 पैसे व डीजल पर 91 पैसे की इस बढ़ोतरी के बाद कई शहरों में पेट्रोल और डीजल नई ऊंचाई पर पहुंच गए हैं।
फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम
ताजा बढ़ोतरी के बाद कई महानगरों में पेट्रोल और डीजल के दाम पहले से ज्यादा हो गए हैं। लगातार हो रही कीमतों की बढ़ोतरी से लोगों का मासिक बजट बिगड़ता नजर आ रहा है। वाहन चालकों का कहना है कि कुछ दिनों के अंतराल में बार-बार कीमतें बढ़ने से आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। खासतौर पर मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों पर इसका ज्यादा असर दिखाई दे रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का बताया जा रहा असर
विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ रहा है। डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और वैश्विक परिस्थितियों की वजह से तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। इसी कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में भी बाजार की स्थिति पर नजर बनी रहेगी।
महंगाई पर पड़ सकता है सीधा असर
ईंधन की कीमतें बढ़ने का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। परिवहन महंगा होने से सब्जियों, राशन और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। इससे आम लोगों के घरेलू खर्च में और इजाफा होने की संभावना है। व्यापारियों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो बाजार में महंगाई और तेज हो सकती है।
लोगों ने जताई नाराजगी
लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सरकार और तेल कंपनियों से राहत देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पहले से बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन के दाम बढ़ना आम आदमी के लिए मुश्किलें और बढ़ा रहा है। कई शहरों में लोग सार्वजनिक परिवहन और वैकल्पिक साधनों की ओर रुख करने लगे हैं।
आगे क्या हो सकते हैं हालात?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के अनुसार कीमतों में बदलाव जारी रह सकता है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में राहत मिलती है तो घरेलू बाजार में भी असर दिखाई दे सकता है। फिलहाल लगातार तीसरी बढ़ोतरी ने आम जनता की चिंता जरूर बढ़ा दी है और लोग जल्द राहत मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।