
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन द्वारा जारी किए गए नए नियमों ने जहां एक तरफ लोगों को कुछ हद तक राहत दी है. दूसरी तरफ कुछ मुद्दों को लेकर भ्रम को भी बढ़ा दिया है. जिससे लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है. हालांकि अब EPFO ने अपने नए नियमों को लेकर फैली भ्रम की स्थिति पर पूरी तरह से सफाई दी है. जिससे अब कर्मचारियों को यह समझना जरूरी हो गया है कि नौकरी छूटने या बेरोजगार होने पर वे अपने PF और पेंशन फंड का पैसा कब और कैसे निकाल सकेंगे
नौकरी छूटने पर 75 फीसदी राशि तुरंत निकाल सकेंगे
अब किसी सदस्य की नौकरी छूट जाने के तुरंत बाद वो अपने PF खाते से 75 फीसदी रकम आसानी से निकाल सकते हैं. जबकि बाकी की 25 फीसदी राशि एक साल बाद ही निकाली जा सकेगी. वहीं पहले दो महीने बेरोजगार रहने के बाद पूरा पैसा निकालने की अनुमति मिल जाती थी.
बेरोजगारी के 36 महीने बाद निकलेगी पेंशन फंड की राशि
इसके साथ ही EPFO ने साफ कर दिया है कि अब पेंशन फंड की राशि बेरोजगारी के 36 महीने (3 साल) बाद ही निकाली जा सकती है. जबकि पहले यह सीमा केवल 2 महीने की हुआ करती थी.
100 फीसदी राशि निकालने से टूट जाती है सेवा अवधि
यदि कोई शख्स नौकरी छूटते ही 100 फीसदी राशि निकाल लेता है, तो उसकी सेवा अवधि टूट जाती है. जबकि पेंशन के लिए 10 साल की निरंतर सेवा जरूरी होती है. जिसको लेकर सरकार का कहना है कि ज्यादातर लोग एक साल के भीतर नई नौकरी पा लेते हैं, इसलिए पूरी निकासी रोक दी गई है.
फाइनल सेटलमेंट और पेंशन की अवधि को लेकर विवाद
आपको बता दें कि EPFO ने PF के फाइनल सेटलमेंट का इंतजार काल 2 महीने से बढ़ाकर 12 महीने और पेंशन निकासी का समय 2 महीने से बढ़ाकर 36 महीने कर दिया है. इसी फैसले को लेकर कर्मचारियों ने आपत्ति जाहिर की थी.
वित्तीय सुरक्षा और बचत को लेकर बदला नियम
सरकार का उद्देश्य है कि कर्मचारी 10 साल की सेवा पूरी कर पेंशन के पात्र बनें. पहले बार-बार निकासी करने से सेवा अवधि टूट जाती थी, जिससे पेंशन के कई दावे रद्द हो जाते थे. अब यह बदलाव कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा देने और भविष्य के लिए बचत को प्रोत्साहित करने के लिए किया गया है.
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PF निकासी की कैटेगरी घटाकर 3 कर दीं
पहले PF निकासी के 13 कारण थे, जिन्हें अब घटाकर सिर्फ 3 कर दिया गया है. जिसमें पहला कारण है बीमारी, शिक्षा और विवाह के लिए निकासी, दूसरा घर की जरूरतों के लिए, जबकि तीसरा इमरजेंसी के लिए है.
हर एक साल में निकाल सकते हैं पैसा
अब कर्मचारी शादी या घर के लिए हर एक साल में PF से पैसा निकाल सकते हैं, जबकि पहले 5 से 7 साल का इंतजार करना पड़ता था.
शिक्षा के लिए 10 तो विवाह के लिए 5 बार कर सकेंगे निकासी
अब शिक्षा के लिए 10 बार और विवाह के लिए 5 बार तक PF निकासी की अनुमति मिल गई है. जो कि पहले केवल 3 बार की ही थी. बीमारी या इमरजेंसी के मामलों में साल में दो बार पूरी पात्र राशि बिना अतिरिक्त दस्तावेज के निकाली जा सकती है.