
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को फार्मा पर 100% टैरिफ के ऐलान का जोरदार असर देखने को मिला। सेंसेक्स 733.22 अंक टूटकर 80,426.46 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 236.15 अंक गिरकर 24,654.70 पर आया। बैंक निफ्टी में भी 586.85 पॉइंट की भारी गिरावट दर्ज की गई और यह 54,389.35 पर क्लोज हुआ।
सेक्टर्स पर दबाव
फार्मा और आईटी शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। बैंकिंग शेयर भी आज लाल निशान में रहे। बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से सिर्फ 4 ही हरे निशान पर बंद हुए। महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर सबसे ज्यादा 3.7% टूटकर बंद हुआ। इसके बाद बजाज फाइनेंस, सनफार्मा और जोमैटो के शेयरों में भी 3% तक गिरावट आई।
निवेशकों को भारी नुकसान
कल बीएसई की मार्केट कैपिटलाइजेशन 457.35 लाख करोड़ रुपये थी। आज की गिरावट के बाद यह घटकर 450.55 लाख करोड़ रुपये हो गई। इसका मतलब है कि निवेशकों को वैल्यूवेशन में लगभग 7 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
गिरावट के पीछे की वजहें
1. फार्मा सेक्टर पर टैरिफ का दबाव:
डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रांडेड और पेटेंट दवाओं के आयात पर 100% टैरिफ लगाने की घोषणा की है। यह 1 अक्टूबर से लागू होगा। इसके अलावा किचन कैबिनेट्स और बाथरूम वैनिटीज पर 50%, गद्देदार फर्नीचर पर 30%, और भारी ट्रकों पर 25% शुल्क लागू होंगे। नतीजतन, निफ्टी फार्मा इंडेक्स 2.55% गिर गया।
2. आईटी शेयरों में दबाव:
H-1B वीजा फीस में बढ़ोतरी और एक्सेंचर के कमजोर तिमाही नतीजों से भारतीय आईटी शेयरों में भी गिरावट आई। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 1.3% की कमजोरी दर्ज की गई।
3. विदेशी निवेशकों की बिकवाली:
विदेशी निवेशकों ने 25 सितंबर को 4,995 करोड़ रुपये भारतीय शेयर बाजार से निकाल लिए। इस महीने अब तक कुल 24,454 करोड़ रुपये के शेयर बिक चुके हैं।
फार्मा शेयरों में विशेष गिरावट
टैरिफ के असर से फार्मा कंपनियों के शेयरों में भी भारी दबाव रहा। सनफार्मा 3.8%, ग्लैंड फार्मा 3.7%, Natco 3.5%, डिविज लैब 3% और Biocon 2.5% टूट गए। IPCA लैब और Zydus Life के शेयरों में भी 2% से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट ने स्पष्ट कर दिया कि फार्मा और आईटी सेक्टर विदेशी नीतियों और टैरिफ की संवेदनशीलता के चलते निवेशकों के लिए सबसे जोखिम भरे सेक्टर हैं।