Pitru Paksha in Gaya: पितरों के तर्पण और पिंडदान के लिए देशभर में प्रसिद्ध गयाजी में इस बार भी पितृपक्ष मेले को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। 25 सितंबर 2026 से शुरू होने वाले पितृपक्ष मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इसे देखते हुए प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से यात्रियों के ठहरने, आवागमन और जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कई व्यवस्थाएं की जा रही हैं। श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देने के लिए अस्थायी टेंट सिटी से लेकर हेल्पलाइन और ई-रिक्शा तक की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा प्रमुख धार्मिक स्थलों पर गाइड की सुविधा और पितृपक्ष से जुड़ी जानकारी वाले ब्रॉशर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
2500 बेड वाली टेंट सिटी में रुक सकेंगे श्रद्धालु
बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की ओर से गयाजी में करीब 2500 बेड की क्षमता वाली टेंट सिटी तैयार की जा रही है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह अस्थायी ठहरने का प्रमुख विकल्प होगा। इसके साथ ही एक अस्थायी पर्यटक सूचना केंद्र भी बनाया जाएगा। यहां श्रद्धालुओं को पितृपक्ष मेले, धार्मिक स्थलों और आसपास की जरूरी जानकारियां आसानी से मिल सकेंगी।
फल्गु नदी के तट पर होगी महाआरती
पितृपक्ष मेले के दौरान फल्गु नदी के किनारे विशेष महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में शामिल होने की संभावना है। मेले में आने-जाने में परेशानी न हो, इसके लिए ई-रिक्शा की व्यवस्था भी की जाएगी। किसी तरह की जानकारी या मदद की जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष हेल्पलाइन भी उपलब्ध रहेगी।
धार्मिक स्थलों पर तैनात होंगे गाइड
गयाजी आने वाले लोगों को धार्मिक और पर्यटन स्थलों की जानकारी देने के लिए प्रमुख स्थानों पर गाइड की तैनाती की जाएगी। अलग-अलग जगहों पर तोरण द्वार भी लगाए जाएंगे। श्रद्धालुओं को पितृपक्ष से जुड़े धार्मिक महत्व और स्थानीय स्थलों की जानकारी देने के लिए सूचना पुस्तिकाएं यानी ब्रॉशर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा पर्यटकों के लिए यात्रा पैकेज और ई-पिंडदान जैसी सुविधाएं विकसित करने की तैयारी है।
120 करोड़ की लागत से बन रही 1000 बेड वाली धर्मशाला
गया में स्थायी आवास सुविधा बढ़ाने की दिशा में भी काम चल रहा है। पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह के मुताबिक, करीब 120 करोड़ रुपये की लागत से 1000 बेड वाली आधुनिक धर्मशाला का निर्माण कराया जा रहा है। इसका फायदा केवल पितृपक्ष के दौरान आने वाले लोगों को ही नहीं मिलेगा, बल्कि सालभर गयाजी आने वाले श्रद्धालु भी यहां ठहर सकेंगे।
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होमस्टे योजना में धार्मिक स्थल भी शामिल
श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए ठहरने के विकल्प बढ़ाने के मकसद से मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना के तहत कई प्रमुख धार्मिक स्थलों को भी जोड़ा गया है। इनमें विष्णुपद मंदिर, महाबोधि मंदिर, डुंगेश्वरी मंदिर और गुरपा पहाड़ी शामिल हैं। योजना के पात्र लाभार्थियों को होमस्टे विकसित करने के लिए 11 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है। इसके साथ ही विष्णुपद मंदिर के आसपास एक आधुनिक कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।