गुजरात में हुए भयावह प्लेन क्रैश में जहां 265 लोगों की गई जान, वहीं चमत्कारिक रूप से जिंदा बचे रमेश विश्वास। अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया। टेकऑफ के दौरान तेज रफ्तार विमान एक हॉस्टल बिल्डिंग से जा टकराया और उसमें आग लग गई। हादसे में जहां 265 लोगों की जान चली गई, वहीं एक चमत्कार ने रमेश विश्वास कुमार की जान बचा ली। अस्पताल में भर्ती रमेश ने खुद बताया कि कैसे वह इस हादसे में सीट समेत बाहर गिर पड़े और मौत के मुंह से बाहर निकल आए। हादसे के बाद खुद प्रधानमंत्री ने उनसे मुलाकात कर हालचाल जाना।
‘सबकुछ जल रहा था, मैं जैसे-तैसे निकला’
रमेश विश्वास ने बताया कि जैसे ही प्लेन रनवे पर तेज हुआ, तभी कुछ अजीब लगा। कुछ सेकंड के लिए सब ठहर सा गया, फिर एक झटका और फिर विमान तेज रफ्तार में सीधे हॉस्टल की इमारत से टकरा गया। उनकी सीट प्लेन के उस हिस्से में थी जो शायद निचले हिस्से से टकराया और वहीं से वह सीट समेत गिर पड़े। वहीं, विमान का ऊपरी हिस्सा आग की चपेट में आ गया।
दरवाजे से बाहर दिखी जिंदगी की उम्मीद
रमेश ने बताया कि विमान टकराने के बाद जब आंखें खुलीं, तो चारों ओर आग और धुआं था। दरवाजा टूटा हुआ था और सामने खाली जगह दिख रही थी। उन्होंने किसी तरह बाहर निकलने की कोशिश की और सफल हो गए। वे बताते हैं कि अगर कुछ सेकंड की भी देरी होती, तो शायद वह भी आग की चपेट में आ जाते।
आंखों के सामने जलते रहे लोग
वह बताते हैं कि हादसे के समय दो एयर होस्टेस, एक बुजुर्ग दंपत्ति और कई अन्य यात्री उनकी आंखों के सामने ही जलते रह गए। कुछ लोग प्लेन के ऊपरी हिस्से में फंसे थे, जिनके पास निकलने का रास्ता नहीं था। रमेश ने बताया कि उनका खुद का बायां हाथ बुरी तरह जल गया है, लेकिन वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि जान बच गई।
पीएम मोदी ने जाना हालचाल
हादसे के बाद प्रधानमंत्री ने अस्पताल पहुंचकर रमेश विश्वास से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। रमेश की आपबीती देशभर में सुनी जा रही है और लोग उनके हौसले को सलाम कर रहे हैं।