मुंबई में मोहर्रम जुलूस के दौरान 30,000 जहरीले कैप्सूल बांटकर 15,000 लोगों को मारने की साजिश रचने वाले फैयाज प्रेमजी को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।27 जून 2026 को मुंबई के रहमताबाद कब्रिस्तान के पास पुणे निवासी फैयाज प्रेमजी को गिरफ्तार किया गया। वो मोहर्रम जुलूस में "दर्द निवारक और इम्यूनिटी बूस्टर" बताकर जिंक फॉस्फाइड भरे कैप्सूल बांट रहा था।
50 किलो जहर, 30,000 खाली कैप्सूल
फैयाज ने ऑनलाइन 50 KG जिंक फॉस्फाइड और 30,000 खाली कैप्सूल मंगवाए थे। उसके डोंगरी स्थित किराए के कमरे से 14,900 तैयार जहरीले कैप्सूल मिले। हर कैप्सूल में 1 ग्राम जिंक फॉस्फाइड था। अब तक 11 लोग कैप्सूल खाने के बाद अस्पताल पहुंचे। सलमान सैयद और अली अब्बास ने बताया कि उल्टी-दस्त शुरू हो गए थे। पुलिस जांच में सामने आया कि फैयाज शिया खोजा मुस्लिम समुदाय से है, लेकिन शिया समुदाय से नाराजगी के चलते उसने मोहर्रम जुलूस को निशाना बनाया।
वो खासकर मातम मना रहे लोगों को निशाना बना रहा था। शारीरिक दर्द से जूझ रहे लोगों को झांसा दिया कि "कैप्सूल खाने से दर्द तुरंत ठीक हो जाएगा"। 30,000 कैप्सूल तैयार कर 15,000-30,000 लोगों को मारने का इरादा था। पुलिस ने इसे "कनाडा के इतिहास के बाद सबसे बड़ी साजिश" बताया।
ईरान-इराक कनेक्शन
फैयाज शादीशुदा है, पर पत्नी से अलग रहता है। बीए पास फैयाज पुणे में पिता की पेंट कंपनी संभालता है। उसकी मां और बहन फिलहाल ईरान में हैं। 2019 के बाद से कई बार ईरान-इराक गया। 2025 में भी 2 बार ट्रैवल किया। पुलिस जांच कर रही है कि क्या बाहरी संगठनों से लिंक है। 2 अलग-अलग राज्यों से जिंक फॉस्फाइड और कैप्सूल मंगवाए। खुद न बांटकर कई वालंटियर रखे। उन्हें बताया कि "विटामिन और इम्यूनिटी बूस्टर हैं"। पुणे से मुंबई आया। डॉर्मिटरी से होटल शिफ्ट हुआ और वहीं कैप्सूल में जहर भरा।
15,000 कैप्सूल अभी गायब
पुलिस के मुताबिक फैयाज ने 29,000 कैप्सूल तैयार किए थे। 14,000 बरामद हो गए, पर 15,000 कैप्सूल अभी भी गायब हैं। पुलिस 2 राज्यों में छापेमारी कर रही है। जिंक फॉस्फाइड चूहे मारने वाला बेहद खतरनाक जहर है। पेट में जाते ही एसिड से मिलकर फॉस्फीन गैस बनाता है, जो सांस-हृदय बंद कर देता है। पुलिस ऑनलाइन सप्लायर्स को भी रडार पर ले रही है। शिया समुदाय से नाराजगी और पत्नी से अलगाव से जूझ रहे फैयाज ने मोहर्रम पर 30,000 लोगों को मारने का प्लान बनाया। 50 किलो जहर से 15,000 मौतों का इरादा था। पुलिस ने 14,000 कैप्सूल जब्त कर साजिश नाकाम की, पर 15,000 कैप्सूल अभी भी खतरा बने हुए हैं।