UP के मदरसों में पढ़ा रहे शिक्षक ये भूल गए थे कि योगी राज में लापरवाही को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाता है लेकिन अगर कोई करता है तो उसे सबक भी सीखाया जाता है. हाल ही में UP के बहराइच में एक बड़ा मामला सामने आया जहां बच्चों को पढ़ाने पर उनके भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा था, तालीम तो ऐसी मदरसे में दी जा रही थी जिसका सच जानकर आप भी दंग रह जाएंगे, यहां तक की जो मौलाना हजारों की सैलरी पाते हैं, क्लास में पढ़ाते हैं, वो भी सही से बच्चों को शिक्षा नहीं दे रहे थे.
मदरसों में बच्चों के भविष्य से खिलवाड़
खबरों की मानें तो ये मामला बहराइच जिले का है जहां बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ. जब एक महसी इलाके के दारुल उलम अशरफिया हसमतुजा मदरसे में अधिकारी औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे तो 7वीं क्लास के बच्चे से हफ्ते के सातों दिनों के नाम लिखने को कहा. बच्चा सही से बृहस्पतिवार नहीं लिख पा रहा है, जिसकी तस्वीर सामने आते ही योगी के अफसर का भी गुस्सा भड़क उठा क्योंकि इन मदरसों में शिक्षकों को हजारों रुपये सैलरी मिलती है लेकिन उसके बाद शिक्षक सही से बच्चों को तालीम नहीं दे रहे थे. ऐसे में सवाल उठता है कि जब शिक्षक ही अपनी जिम्मेदारी निभाने में फेल होंगे तो बच्चों का भविष्य कैसे संवरेगा. जैसे ही ये खबर योगी को लगी तो उन्होंने एक बड़ा फैसला लिया है और मदरसों में मॉर्डन शिक्षा में तेजी लाने के आदेश दिए है, आपको बता दें योगी पिछले काफी समय से मदरसों की शिक्षा को मॉर्डन करने में लगे हुए है. जिसके बारे में आपको सब बताते हैं
मदरसों की पढ़ाई होगी योगी सरकार में मॉर्डन
खबरों की मानें तो UP में क़रीब 16,500 मदरसे मान्यता प्राप्त हैं. इन मदरसों में तक़रीबन 20 लाख छात्र पढ़ते हैं. जहां शिक्षकों यानी मौलानाओं की सैलरी उनकी योग्यता पर आधारित होतीहै, लेकिन ऐसा बताया जाता है कि उनकी सैलरी करीब 30 हजार के आस-पास होती है उसके बाद भी मौलाना छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेल रहे हैं जिसको लेकर अब योगी सरकार ने सख्त एक्शन प्लान तैयार किया है. इससे न सिर्फ बच्चों को अच्छी तालीम मिलेगी बल्कि वो आगे बढ़कर देश का नाम रौशन कर सकेंगे. बता दें योगी सरकार अब यूपी मदरसों में हिंदी, अंग्रेजी, कंप्यूटर और विज्ञान को अनिवार्य करने के लिए यूपी बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशन एक्ट 2004 में संशोधन करेगी. इससे 12 लाख छात्रों को लाभ होगा. ये कदम मदरसा शिक्षा को मुख्यधारा से जोड़कर छात्रों की रोजगार क्षमता बढ़ाएगा.