समुद्री पर्यटन में नई छलांग ,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मुंबई के बैलार्ड पियर स्थित अत्याधुनिक मुंबई इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल (MICT) का उद्घाटन किया। करीब 415,000 स्क्वायर फीट में फैला यह टर्मिनल भारत का सबसे बड़ा क्रूज टर्मिनल है। ‘क्रूज भारत मिशन’ के तहत विकसित इस परियोजना का मकसद मुंबई को एशिया के सबसे बड़े क्रूज हब के रूप में स्थापित करना है। इस टर्मिनल के जरिए सालाना लगभग 10 लाख यात्री समुद्री पर्यटन का आनंद ले सकेंगे। एक साथ पांच क्रूज जहाज यहां ठहर सकते हैं, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रूज ऑपरेशन्स को नया आयाम मिलेगा।
यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं
MICT में यात्रियों की सुविधा के लिए 72 चेक-इन और इमिग्रेशन काउंटर बनाए गए हैं, जो तेज और सहज अनुभव प्रदान करेंगे। यहां अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था, बड़े वेटिंग लाउंज, रेस्टोरेंट्स और शॉपिंग एरिया भी शामिल हैं। टर्मिनल में शोर-टू-शिप इलेक्ट्रिक पावर सप्लाई जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे प्रदूषण कम होगा और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।
आर्थिक और पर्यटन लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि इस टर्मिनल से भारत में क्रूज पर्यटन को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। यह न केवल घरेलू यात्रियों बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को भी आकर्षित करेगा। समुद्री व्यापार और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और मुंबई की पहचान वैश्विक स्तर पर मजबूत होगी।
भविष्य की संभावनाएं
केंद्रीय बंदरगाह मंत्रालय के अनुसार, आने वाले वर्षों में यहां से दक्षिण एशिया, मध्य पूर्व और यूरोप तक कई नई क्रूज सेवाओं की शुरुआत की योजना है। यह कदम भारत को समुद्री पर्यटन और व्यापार का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।