AI Video Controversy in Sagar: युवक ने बनाया पीएम मोदी से हाथ मिलाने वाला वीडियो, फिर हटाना पड़ा पोस्ट- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के ज़माने में जहां हर दिन नई तकनीकें लोगों को आकर्षित कर रही हैं, वहीं इसका गलत इस्तेमाल अब कानूनी संकट भी खड़ा कर रहा है। मध्य प्रदेश के सागर जिले से ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एआई वीडियो बनाकर अपनी दुकान का प्रमोशन कर दिया। वीडियो वायरल होते ही मामला विवादों में घिर गया। युवक को अंततः वीडियो हटाकर माफी मांगनी पड़ी।
पीएम मोदी से हाथ मिलाने वाला वीडियो बना विवाद का कारण
सागर जिले में मोबाइल दुकान संचालक अतुल जैन ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से एक एआई वीडियो बनाया। इस वीडियो में ऐसा दिखाया गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी दुकान पर आते हैं, उनसे हाथ मिलाते हैं और मोबाइल फोन खरीदते हैं। वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हड़कंप मच गया। कई यूज़र्स ने इस पर आपत्ति जताई और इसे भ्रामक प्रचार बताया।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने दी चेतावनी
मामला बढ़ता देख भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने बताया कि अतुल ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए वीडियो हटा दिया है और दूसरा वीडियो जारी कर माफी मांगी है। इसलिए फिलहाल कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जा रही है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह का गलत प्रचार करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कौन सी धाराएं लागू हो सकती हैं
अधिवक्ता मयंक प्रजापति के अनुसार, यह मामला कई धाराओं के अंतर्गत दंडनीय है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2), 336(3), 340(2), आईटी एक्ट की धारा 66D और कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट की धारा 21 का उल्लंघन शामिल है। इन धाराओं के तहत भ्रामक या फर्जी विज्ञापन बनाने पर जेल और जुर्माना दोनों हो सकते हैं।
एआई कंटेंट बनाने वालों के लिए चेतावनी
विशेषज्ञों का कहना है कि एआई के जरिए बनाए गए वीडियो या डीपफेक कंटेंट पर सरकार की पैनी नजर है। ऐसे वीडियो अगर किसी व्यक्ति या संस्था की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, तो यह साइबर अपराध की श्रेणी में आता है। इसलिए सोशल मीडिया पर एआई से बनाए गए वीडियो पोस्ट करने से पहले उसके परिणामों पर जरूर विचार करें।