Last leg of three-nation tour: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने चार दिवसीय विदेश दौरे के अंतिम चरण में इथियोपिया से ओमान के लिए रवाना हो गए हैं। यह यात्रा जोर्डन और इथियोपिया के बाद उनकी तीन देशों की कूटनीतिक यात्रा का समापन चरण है। अदीस अबाबा में इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली ने खुद हवाई अड्डे तक प्रधानमंत्री मोदी को विदा किया, जिसे दोनों देशों के घनिष्ठ संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है। इथियोपिया दौरे के दौरान भारत और इथियोपिया ने अपने द्विपक्षीय रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाया। इस यात्रा में विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा मिली, जिससे अफ्रीकी देशों के साथ भारत के रिश्ते और मजबूत हुए हैं।
इथियोपिया दौरे की बड़ी उपलब्धियां
इथियोपिया में प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल शीर्ष नेतृत्व से व्यापक बातचीत की, बल्कि वहां की संसद के संयुक्त सत्र को भी संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने भारत और इथियोपिया को क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और संपर्क के लिए स्वाभाविक साझेदार बताया। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौता ज्ञापनों पर सहमति बनी, जिनमें संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों का प्रशिक्षण, सीमा शुल्क सहयोग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े विषय शामिल हैं। इथियोपिया सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से भी सम्मानित किया। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण के संदेश के तहत उन्होंने वृक्षारोपण कर साझा हरित भविष्य का आह्वान किया।
ओमान में क्या रहेगा कार्यक्रम
ओमान पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी सुल्तान हैथम बिन तारिक के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस दौरान भारत–ओमान रणनीतिक साझेदारी, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा और तकनीकी सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। यह यात्रा दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हो रही है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ओमान में भारतीय प्रवासी समुदाय से भी संवाद करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने और भारत–ओमान संबंधों को नई ऊंचाई देने का अवसर साबित होगा।