महान पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन से पूरे देश में गहरा शोक फैल गया है। रविवार (12 अप्रैल 2026) को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के कई बड़े नेताओं और संगीत जगत की हस्तियों ने श्रद्धांजलि दी है। उनकी आवाज ने भारतीय संगीत को एक अलग पहचान दी और कई पीढ़ियों को प्रभावित किया।
पीएम मोदी ने बताया अपूरणीय क्षति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि आशा भोसले भारत की सबसे प्रतिष्ठित और बहुमुखी गायिकाओं में से एक थीं। उन्होंने कहा कि उनकी आवाज में एक अलग ही जादू था, जिसने देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के संगीत प्रेमियों को प्रभावित किया। पीएम ने कहा कि उनका संगीत सफर दशकों तक चला और भारतीय संस्कृति को समृद्ध करने में उनका योगदान अविस्मरणीय है।
अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उनके निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि आशा भोसले ने अपनी मधुर आवाज और प्रतिभा से भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके गीत आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करते रहेंगे और वे संगीत जगत में अमर रहेंगी।
फडणवीस ने बताया संगीत जगत का बड़ा नुकसान
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह पूरे देश के लिए अत्यंत दुखद क्षण है। उन्होंने कहा कि मंगेशकर परिवार ने भारतीय संगीत में अद्भुत योगदान दिया है और आशा भोसले के रूप में एक और महान सितारा अब हमेशा के लिए स्मृति बन गया है।
अंतिम संस्कार और जीवन परिचय
परिवार के अनुसार, आशा भोसले का अंतिम संस्कार सोमवार (13 अप्रैल 2026) को मुंबई के शिवाजी पार्क में किया जाएगा। उन्हें सीने में संक्रमण और कमजोरी के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 8 सितंबर 1935 को जन्मी आशा भोसले ने अपने लंबे करियर में हजारों गीत गाए और भारतीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाई।