पश्चिम बंगाल के बांकुरा में आयोजित एक विशाल जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीएमसी सरकार पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने TMC को “भय और भ्रष्टाचार की जननी” बताते हुए चुनाव से पहले कड़ी चेतावनी दी। साथ ही महिला आरक्षण, विकास योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई बड़े वादों को जनता के सामने रखा।
बांकुरा रैली में TMC पर पीएम मोदी का तीखा प्रहार
19 अप्रैल 2026 को बांकुरा में हुई रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की TMC सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में “भय का माहौल” और “भ्रष्टाचार” हावी है तथा जनता अब बदलाव चाहती है।
4 मई से पहले आत्मसमर्पण की चेतावनी
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि TMC से जुड़े “गुंडों” के पास 4 मई (चुनाव परिणाम से पहले) तक आत्मसमर्पण करने का अंतिम मौका है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव के बाद किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और जनता ऐतिहासिक जनादेश देगी।
महिला आरक्षण और विपक्ष पर आरोप
पीएम मोदी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर भी विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि TMC ने कांग्रेस के साथ मिलकर इस विधेयक को रोकने की कोशिश की। उन्होंने दोनों दलों को “महिला विरोधी” और “आदिवासी विरोधी” बताया।
घुसपैठ और आरक्षण नीति पर सवाल
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि TMC सरकार घुसपैठियों को फायदा पहुंचाने के लिए नीतियों का दुरुपयोग कर रही है और धर्म के आधार पर आरक्षण देने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के वास्तविक हितों को नजरअंदाज कर रही है।
महिलाओं के लिए बड़े चुनावी वादे
भाजपा सरकार बनने पर महिलाओं के लिए कई योजनाओं की घोषणा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आवास योजना के तहत 1.5 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। साथ ही महिलाओं को सालाना आर्थिक सहायता, मुफ्त इलाज, गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष मदद और स्वरोजगार के लिए मुद्रा योजना के तहत 20 लाख रुपये तक का लोन देने की बात कही गई।
स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का वादा
प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज, गुर्दे की बीमारी के लिए मुफ्त डायलिसिस और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएंगी। गर्भवती महिलाओं को 21,000 रुपये और बेटियों की शिक्षा के लिए अतिरिक्त सहायता देने का भी वादा किया गया।
राजनीतिक माहौल में बढ़ा तनाव
रैली के दौरान दिए गए बयानों के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल और गरमाने की संभावना है। चुनावी मौसम में यह बयानबाजी सियासी टकराव को और तेज कर सकती है।