मिडिल ईस्ट में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश का रुख साफ किया है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा शांति और संवाद का समर्थक रहा है। उनके अनुसार किसी भी विवाद का हल बातचीत से ही निकल सकता है। पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति को उन्होंने चिंता का विषय बताया।
भारतीयों की सुरक्षा पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि उस क्षेत्र में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की पहली जिम्मेदारी है। भारत सभी संबंधित देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि वहां मौजूद भारतीय सुरक्षित रहें। सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
कनाडा के प्रधानमंत्री से मुलाकात
इसी दिन दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क जे कार्नी से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों को मजबूत बनाने पर चर्चा की। बैठक के बाद संयुक्त बयान में आर्थिक सहयोग बढ़ाने की बात कही गई।
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व्यापार बढ़ाने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और कनाडा ने 2030 तक आपसी व्यापार को 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। दोनों देश एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को जल्द अंतिम रूप देने पर सहमत हुए हैं। इससे व्यापार और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे।
निवेश और रोजगार पर फोकस
प्रधानमंत्री ने बताया कि कनाडा के पेंशन फंड भारत में बड़ी मात्रा में निवेश कर चुके हैं। इसे उन्होंने भारत की विकास यात्रा पर विश्वास का संकेत बताया। उनका कहना है कि आने वाले समय में इससे दोनों देशों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
आगे भी जारी रहेगी बातचीत
दोनों नेता व्यापार जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। उनके सुझावों के आधार पर भविष्य की आर्थिक रणनीति तय की जाएगी। इस बीच मिडिल ईस्ट के हालात पर भारत का रुख साफ है कि शांति और संवाद ही आगे बढ़ने का रास्ता है।