
PM Modi changed his plan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने न्यूयॉर्क में होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के उच्चस्तरीय सत्र में शामिल नहीं होंगे। उनकी जगह विदेश मंत्री एस. जयशंकर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे और 27 सितंबर को महासभा को संबोधित करेंगे। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और ऊर्जा नीति को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। संयुक्त राष्ट्र की ओर से जारी वक्ताओं की सूची में पहले प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों के नाम शामिल थे, लेकिन अब भारत का नेतृत्व विदेश मंत्री संभालेंगे। इस सत्र में इजरायल-हमास संघर्ष और रूस-यूक्रेन युद्ध मुख्य एजेंडे पर रहने वाले हैं।
टैरिफ विवाद से बढ़ा तनाव
भारत-अमेरिका रिश्तों में हाल ही में दरार उस वक्त गहरी हो गई जब राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया। इस जुर्माने के बाद कुल टैरिफ 50% तक पहुंच गया है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि भारत रूसी तेल खरीदकर “वॉर मशीन” को फ्यूल कर रहा है। फरवरी में मोदी-ट्रंप मुलाकात के दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत की योजना बनाई थी, लेकिन अब हालात बदलते दिख रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि पीएम मोदी का UNGA न जाना टैरिफ विवाद से जुड़े तनाव का संकेत है।
भारत का सख्त रुख
विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के फैसले को “गलत और बिना सोचे-समझे” उठाया गया कदम बताया है। मंत्रालय ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा और हर परिस्थिति में अपने आर्थिक हितों की रक्षा के लिए कदम उठाएगा। जयशंकर अब UNGA में न केवल वैश्विक मुद्दों पर भारत का पक्ष रखेंगे, बल्कि यह भी संदेश देंगे कि भारत किसी दबाव में आकर अपनी नीतियां तय नहीं करेगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि ट्रंप के भाषण और भारत के जवाब में क्या नया मोड़ निकलकर आता है।