मध्य प्रदेश के दमोह जिले में 10 मई को एक बड़ा आयोजन प्रस्तावित है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन की संभावना जताई जा रही है। इस दौरान वे 517 एकड़ में बनने वाली स्वावलंबी गोशाला के भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। यह परियोजना न केवल गौसंवर्धन को बढ़ावा देगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
दमोह में प्रस्तावित है बड़ा आयोजन
दमोह जिले के पथरिया विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री का आगमन लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि आधिकारिक कार्यक्रम की पुष्टि अभी शेष है, लेकिन प्रशासन ने इसे लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। यह दौरा किसी चुनावी सभा से अलग विकास कार्यों पर केंद्रित रहेगा।
517 एकड़ में विकसित होगी आधुनिक गोशाला
ग्राम रानगिर, कल्याणपुरा और बिजोरी में फैली 517 एकड़ भूमि पर स्वावलंबी गोशाला ‘कामधेनु निवास’ का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य आधुनिक तकनीकों के माध्यम से गौसंवर्धन को बढ़ावा देना और इसे आत्मनिर्भर मॉडल के रूप में विकसित करना है।
प्रशासनिक अमला जुटा तैयारियों में
जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण किया है। सुरक्षा, यातायात और आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत योजना बनाई जा रही है ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश
परियोजना के संचालन के लिए नियुक्त कंपनी को 10 मई से पहले भूमि की फेंसिंग और 200 गौवंश के लिए अस्थायी गोशाला तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित विभाग लगातार कार्यों की निगरानी कर रहा है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
इस गोशाला के निर्माण से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पशुपालन को नई दिशा मिलेगी। साथ ही, यह मॉडल भविष्य में अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।