भारत की अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर दुनिया को अपनी मजबूती का संकेत दिया है। देश की GDP ग्रोथ 7.8 फीसदी रहने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई दी और इस उपलब्धि को भारत की आर्थिक ताकत से जोड़कर देखा। पीएम मोदी ने इस मौके पर लोगों से आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को गति देने में आम लोगों की खरीदारी और खर्च करने की आदतों की भी अहम भूमिका है।
PM मोदी ने गैर-जरूरी सोना खरीदने से बचने को कहा
प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि अगर जरूरत न हो तो सोना खरीदने से बचना चाहिए। उनका कहना था कि देश के आर्थिक संसाधनों का इस्तेमाल ऐसे क्षेत्रों में होना चाहिए, जिनसे भारत के कारोबार और रोजगार को बढ़ावा मिले। उन्होंने लोगों को ‘मेड इन इंडिया’ और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने का संदेश भी दिया।
विदेश यात्रा और विदेशी शादी पर भी PM का संदेश
पीएम मोदी ने विदेश घूमने और विदेशों में शादी आयोजित करने को लेकर भी लोगों से सोचने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर केवल घूमने के उद्देश्य से विदेश जाने की जरूरत नहीं है तो देश के भीतर मौजूद पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता दी जा सकती है। इसी तरह शादी-विवाह जैसे बड़े आयोजनों को भारत में करने से देश के कारोबार को फायदा पहुंच सकता है।
#WATCH प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया; PM ने कहा, "मेरे देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई। 7.8% की विकास दर, पूरा देश खुशी से भरा है। मैं लोगों को उनके संकल्प और मेहनती स्वभाव के लिए बधाई देता हूं; यह हमारी सामूहिक ताकत को दिखाता है।… pic.twitter.com/9LMdPglPyd
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 1, 2026
‘वेडिंग इन इंडिया’ से कई सेक्टर को मिल सकता है फायदा
प्रधानमंत्री ने भारत में ही बड़े शादी समारोह आयोजित करने के विचार को बढ़ावा देने की बात कही। देश में होने वाली बड़ी शादियों से होटल, पर्यटन, कैटरिंग, कपड़ा, आभूषण, परिवहन और इवेंट से जुड़े कारोबारों को सीधा लाभ मिल सकता है। इससे स्थानीय कारोबारियों के साथ बड़ी संख्या में कामगारों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की तेज आर्थिक रफ्तार
पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया कई आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है। कई क्षेत्रों में युद्ध की स्थिति बनी हुई है, जिसका असर वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़ रहा है। कोरोना महामारी के बाद भी दुनिया की अर्थव्यवस्था पूरी तरह सामान्य स्थिति में नहीं लौट पाई है। इन चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था का तेजी से आगे बढ़ना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
आत्मनिर्भर भारत के लिए ‘लोकल फॉर वोकल’ पर जोर
प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि देश में बने सामान को प्राथमिकता देने और स्थानीय कारोबार को मजबूत करने से भारतीय अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिल सकती है। ‘लोकल फॉर वोकल’ की सोच को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने पर भी उन्होंने जोर दिया।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
पीएम मोदी ने भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि इस दिशा में आज किए जा रहे प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए आधार तैयार करेंगे। उन्होंने देशवासियों से विकास की मौजूदा गति को बनाए रखने के लिए पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ योगदान देने की अपील की।
140 करोड़ लोगों की ताकत से बदलेगी तस्वीर
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार अपनी नीतियों के जरिए देश को सही दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है, लेकिन भारत की वास्तविक ताकत उसके करोड़ों नागरिक हैं। सामूहिक प्रयासों के जरिए देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विकास केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की भागीदारी से संभव होगा।
उपलब्धि के साथ नए संकल्प लेने की अपील
अपने संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने देशवासियों से आर्थिक उपलब्धि की खुशी मनाने के साथ नए संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने साफ किया कि केवल संकल्प लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें पूरा करने के लिए लगातार मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ना जरूरी है। आत्मनिर्भरता, स्वदेशी और देश में खर्च को बढ़ावा देने की सोच को उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़कर पेश किया।