नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 जुलाई से 9 जुलाई 2025 तक आठ दिनों की अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। यह उनके 11 वर्षों के कार्यकाल की अब तक की सबसे लंबी राजनयिक यात्रा मानी जा रही है। इस दौरान वह 5 देशों – घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया का दौरा करेंगे। पीएम मोदी इस यात्रा के जरिए अफ्रीका, कैरेबियन और दक्षिण अमेरिका जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भारत की भागीदारी को और मजबूत करेंगे। इस यात्रा के केंद्र में ब्राजील में होने वाला BRICS शिखर सम्मेलन भी होगा, जिसमें प्रधानमंत्री चार दिन तक भाग लेंगे।
घाना से होगी यात्रा की शुरुआत
प्रधानमंत्री की यात्रा की शुरुआत 2 जुलाई को घाना से होगी। भारत के किसी प्रधानमंत्री का यह 30 वर्षों में पहला दौरा होगा।पीएम मोदी घाना के राष्ट्रपति से मिलेंगे और दोनों देशों के राजनीतिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों पर चर्चा करेंगे।भारत और घाना के बीच द्विपक्षीय व्यापार 3.1 बिलियन डॉलर को पार कर चुका है।भारत की कंपनियां यहां कृषि, फार्मा, ऑटोमोबाइल, ICT और निर्माण क्षेत्र में निवेश कर रही हैं।
त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय मूल के लोगों से मुलाकात
घाना के बाद प्रधानमंत्री त्रिनिदाद और टोबैगो जाएंगे, जहां 40–45% आबादी भारतीय मूल की है।यह कैरिबियन का पहला देश है जिसने भारत के UPI सिस्टम को अपनाया है।प्रधानमंत्री का यह दौरा डिजिटल कनेक्टिविटी और प्रवासी भारतीयों के साथ रिश्तों को मज़बूती देने की दिशा में अहम साबित होगा।
अर्जेंटीना के साथ ऊर्जा और रक्षा पर बातचीत
4 जुलाई को पीएम मोदी पहुंचेंगे अर्जेंटीना, जहां भारत ने अब तक 1.2 बिलियन डॉलर का निवेश किया है।उनकी मुलाकात में खनिज संसाधन, रक्षा, विज्ञान, तेल और गैस, परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की चर्चा होगी।यह यात्रा भारत-अर्जेंटीना रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा दे सकती है।
BRICS सम्मेलन के लिए ब्राजील में चार दिन
5 जुलाई से प्रधानमंत्री ब्राजील में रहेंगे, जहां वह BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।यह पीएम मोदी की चौथी ब्राजील यात्रा होगी।राष्ट्रपति लूला के साथ वे वैश्विक शांति, जलवायु परिवर्तन, AI, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे।ब्रिक्स मंच पर भारत की भूमिका को और प्रभावशाली बनाने का यह महत्वपूर्ण मौका होगा।
पहली बार नामीबिया की यात्रा
9 जुलाई को प्रधानमंत्री का आखिरी पड़ाव होगा नामीबिया, जहां वह पहली बार आधिकारिक दौरे पर जाएंगे।यह दोनों देशों के बीच पहली उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक होगी।भारत-नामीबिया व्यापार अब 600 मिलियन डॉलर को पार कर गया है।ऊर्जा, पर्यावरण और व्यापार सहयोग बढ़ाने की दिशा में कई MoU साइन हो सकते हैं।