प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह दिवसीय विदेश यात्रा पर रवाना हो गए हैं, जिसके तहत वह फ्रांस और स्लोवाकिया का दौरा करेंगे। इस दौरान वह G7 शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की G7 बैठक में सातवीं भागीदारी होगी, जिससे वह इस मंच पर लगातार सात बार आमंत्रित होने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन जाएंगे। यात्रा के दौरान कई वैश्विक नेताओं के साथ उनकी अहम द्विपक्षीय बैठकें भी प्रस्तावित हैं।
फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे का अहम कूटनीतिक एजेंडा
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा कूटनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दौरे के दौरान वह दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा करेंगे। साथ ही विभिन्न बहुपक्षीय बैठकों में भी भारत का पक्ष मजबूती से रखेंगे।
G7 सम्मेलन में सातवीं बार होगी भागीदारी
प्रधानमंत्री मोदी 17 जून को फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। यह लगातार सातवीं बार होगा जब उन्हें इस प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर आमंत्रित किया गया है। सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी सहयोग, जलवायु परिवर्तन और भू-राजनीतिक चुनौतियों जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
कई वैश्विक नेताओं से मुलाकात की संभावना
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की कई प्रमुख विश्व नेताओं के साथ मुलाकात हो सकती है। इनमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प समेत अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख शामिल हो सकते हैं। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
फ्रांस के साथ रणनीतिक साझेदारी पर रहेगा फोकस
प्रधानमंत्री ने यात्रा से पहले कहा कि भारत की रणनीतिक दृष्टि में फ्रांस का विशेष स्थान है। वह फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ मुलाकात कर दोनों देशों के बीच हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे। इस दौरान रक्षा, अंतरिक्ष, तकनीक, ऊर्जा और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा होगी।
'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम का होगा उद्घाटन
फ्रांस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों संयुक्त रूप से 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। इस आयोजन में भारत, फ्रांस और अन्य देशों के स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स और निवेशकों को एक मंच पर लाया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य नवाचार, तकनीकी सहयोग और वैश्विक साझेदारी को बढ़ावा देना है।