PM Modi G20 Summit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (22 नवंबर 2025) को दक्षिण अफ्रीका में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान दुनिया के कई महत्वपूर्ण नेताओं से मुलाकात की और विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि इन चर्चाओं के जरिए उन्होंने विश्व में विकास और खुशहाली को आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता को दोहराया। जोहानिसबर्ग में प्रधानमंत्री मोदी की बातचीत ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग, ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के साथ हुई।
‘एक्स’ पर किया पोस्ट
‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टार्मर से मिलकर खुशी हुई और साल 2025 में भारत-यूके साझेदारी ने जो नई गति पकड़ी है, उसे आगे भी विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि मलेशिया के प्रधानमंत्री इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय सहयोग को कई क्षेत्रों में विस्तारित करने पर सार्थक चर्चा हुई। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के साथ उनकी बातचीत को उन्होंने बेहद उपयोगी बताया और कहा कि भारत-फ्रांस साझेदारी वैश्विक कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनी हुई है।
The second session at the G20 Summit in Johannesburg focussed on building a resilient world in the face of disasters, climate change and ensuring energy transitions that are just as well as robust food systems. India has been actively working on all these fronts, building a… pic.twitter.com/Iqvh81CxUj
— Narendra Modi (@narendramodi) November 22, 2025
कोरिया, ब्राज़ील और संयुक्त राष्ट्र प्रमुख से चर्चा
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के साथ मोदी की यह वर्ष की दूसरी मुलाकात थी। उन्होंने कहा कि यह चर्चा हमारी विशेष रणनीतिक साझेदारी की मजबूत प्रगति का संकेत है और दोनों देशों के आर्थिक एवं निवेश संबंधों को और गहरा करने पर सहमति बनी। वहीं ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा से मुलाकात के बाद मोदी ने कहा कि भारत और ब्राज़ील व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर प्रयास जारी रखेंगे। संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुतारेस के साथ भी उनकी बातचीत सार्थक रही। सम्मेलन के मुख्य सत्र से पहले प्रधानमंत्री ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी सहित कई अन्य नेताओं से भी अनौपचारिक बातचीत की।
जी-20 नेताओं संग फोटो और अन्य मुलाकातें
मोदी ने जी-20 नेताओं के साथ एक सामूहिक फोटो साझा करते हुए लिखा कि यह तस्वीर दुनिया को प्रगति और समृद्धि की दिशा में मिलकर काम करने की हमारी साझा प्रतिज्ञा को दर्शाती है। उन्होंने अंगोला के राष्ट्रपति जोआओ मैनुअल लॉरेन्को से मुलाकात का भी ज़िक्र किया और बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार और सांस्कृतिक रिश्तों को व्यापक करने पर सहमति बनी है। इसके अलावा उन्होंने सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग और वियतनाम के प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चिन से भी सकारात्मक बातचीत की, जिसमें विकास और स्थिरता पर आधारित साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया गया। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के साथ बैठक को उन्होंने बेहद उपयोगी बताया और कहा कि भारत-जर्मनी संबंध विशेषकर व्यापार, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में लगातार प्रगाढ़ हो रहे हैं। वहीं WTO की महानिदेशक डॉ. न्गोजी ओकोन्जो-इवेला और WHO प्रमुख टेड्रोस घेब्रेयेसस से भी उन्होंने मुलाकात की और वैश्विक स्वास्थ्य सुधारों पर चर्चा की।
अफ्रीकी नेताओं के साथ संवाद
प्रधानमंत्री मोदी की बातचीत इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली और सिएरा लियोन के राष्ट्रपति जूलियस माडा बायो से भी हुई। उन्होंने कहा कि भारत और अफ्रीकी देशों के ऐतिहासिक संबंध विकास, प्रौद्योगिकी और कौशल सहयोग के जरिए और मजबूत हो रहे हैं। मोदी ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा को शिखर सम्मेलन की शानदार मेजबानी के लिए धन्यवाद दिया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने वैश्विक विकास संकेतकों पर पुनर्विचार की आवश्यकता बताई, ड्रग-टेरर नेटवर्क से निपटने के लिए जी-20 पहल का सुझाव दिया और वैश्विक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया दल बनाने का प्रस्ताव रखा।