YOUTH & EDUCATION---80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में देश के युवाओं, छात्रों और शोधकर्ताओं पर खास जोर दिया। उन्होंने शिक्षा, डिजिटल लर्निंग, रिसर्च, स्किल डेवलपमेंट और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के अवसरों को लेकर सरकार की योजनाओं और विजन की जानकारी दी। छोटे शहरों और गांवों के छात्रों के लिए मुफ्त कोचिंग नेटवर्क से लेकर भारत में विदेशी यूनिवर्सिटीज के आने तक कई अहम बातें सामने रखीं।
युवाओं के लिए बनेगा फ्री कोचिंग नेटवर्क
प्रधानमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था का ऐलान किया। इसका उद्देश्य ऐसे छात्रों को बेहतर तैयारी का मौका देना है, जो महंगी कोचिंग फीस का खर्च नहीं उठा पाते। डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑन-ग्राउंड नेटवर्क के जरिए स्टडी मैटेरियल और विशेषज्ञ शिक्षकों की मदद उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
रिसर्च और इनोवेशन पर बड़ा फोकस
PM मोदी ने रिसर्च और इनोवेशन को देश की प्रगति का अहम आधार बताया। उन्होंने युवाओं को रिसर्च के नए अवसर मिलने की बात कही। स्टार्टअप और तकनीकी क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि देश में 2.5 लाख से ज्यादा स्टार्टअप काम कर रहे हैं। उन्होंने इनोवेशन और R&D को बढ़ावा देने के लिए बड़े फंड का भी उल्लेख किया।
नई शिक्षा नीति और सस्ते इंटरनेट का जिक्र
प्रधानमंत्री ने नई शिक्षा नीति के जरिए पढ़ाई के तरीके में बदलाव की बात कही। उनके मुताबिक शिक्षा को केवल रटने तक सीमित रखने के बजाय व्यावहारिक ज्ञान और कौशल पर जोर दिया गया है। उन्होंने भारत में उपलब्ध सस्ते इंटरनेट डेटा को भी युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर बताया, जिससे वे घर बैठे नई स्किल सीखने, डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ने और अपने आइडिया पर काम करने में सक्षम हो रहे हैं।
भारत में मिलेगी ग्लोबल एजुकेशन
विदेश जाकर पढ़ाई करने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए भी प्रधानमंत्री ने बड़ी बात कही। उन्होंने बताया कि दुनिया की जानी-मानी विदेशी यूनिवर्सिटीज अब भारत में आने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इससे भारतीय छात्रों को देश में रहते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा और रिसर्च से जुड़ने का अवसर मिल सकता है। इससे विदेश में पढ़ाई का खर्च और दूसरी चुनौतियां कम करने में मदद मिल सकती है।
650 नई यूनिवर्सिटीज का दावा
PM मोदी ने पिछले वर्षों में उच्च शिक्षा के विस्तार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में देश में करीब 650 नई यूनिवर्सिटीज खुली हैं। मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में भी सीटों में बढ़ोतरी का उल्लेख किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं की शिक्षा, कौशल और रिसर्च क्षमता को मजबूत करना विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।