प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दो दिवसीय इजरायल दौरा गुरुवार को समाप्त हो गया। इजरायल यात्रा के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी को शालोम (नमस्कार) बोलकर अपनी बात रखते हुए भारत-इस्राइल के रिश्तों को नई ऊंचाई देने की बात कही। साथी इजरायल की गर्मजोशी और शानदार स्वागत के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।
आपसी सहयोग पर सहमति बनी
अपनी इजरायल यात्रा के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बैठक की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर आपसी सहमति बनी। इनमें रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, तकनीक और कृषि जैसे अहम क्षेत्रों में आपसी सहयोग पर सहमति बनी। इसके अलावा, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देते हुए, इंडिया-मिडल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कोरिडोर (आईएमईसी) और इंडिया-इजरायल-यूएई-यूएसए (आईटूयूट) पर भी नई गति से आगे बढ़ने पर रजामंदी हुई।
सस्टेनेबल रिसोर्स डेवलपमेंट को बढ़ावा
प्रधानमंत्री मोदी की इजरायल यात्रा के दौरान जो समझौते/एमओयू हुए उनमें जियोफिजिकल एक्सप्लोरेशन के फील्ड में को-ऑपरेशन पर एमओयू हुआ, जो एडवांस्ड जियोफिजिकल और एआई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके मिनरल एक्सप्लोरेशन में इंडिया-इजरायल कोऑपरेशन को बढ़ाता है। डेटा शेयरिंग, इन्वेस्टमेंट और सस्टेनेबल रिसोर्स डेवलपमेंट को बढ़ावा देता है।
जन-भागीदारी का समर्थन
नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स (एनएमएचसी), लोथल गुजरात के डेवलपमेंट के लिए एमओयू हुआ, जो प्रदर्शनियों, शोध, प्रकाशनों और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के माध्यम से साझा समुद्री विरासत को बढ़ावा देता है तथा राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर और व्यापक जन-भागीदारी का समर्थन करता है।
सांस्कृतिक संबंधों को सुदृढ़ करेगा
सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम (2026–2029), जो सीईपी फेस्टिवल, यह कार्यक्रम संगीत, रंगमंच, दृश्य कला, नृत्य और अन्य रचनात्मक क्षेत्रों में उत्सवों, कार्यशालाओं और विशेषज्ञ यात्राओं के माध्यम से भारत-इजरायल सांस्कृतिक संबंधों को सुदृढ़ करेगा। यूपीआई को लागू करने के लिए एनपीसीआई इंटरनेशनल (एनआईपीएल) और एमएएसएवी, इजरायल के बीच हुआ। इसका उद्देश्य यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के माध्यम से भारत और इजरायल के बीच सीमा-पार प्रेषण (रेमिटेंस) को सक्षम बनाना है।