अमरनाथ यात्रा शुरू होने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धालुओं के नाम एक विशेष संदेश जारी किया है। उन्होंने इस पवित्र यात्रा को भारतीय आध्यात्मिक परंपरा, सांस्कृतिक एकता और सेवा की भावना का प्रतीक बताते हुए यात्रियों से पांच महत्वपूर्ण संकल्प लेने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने स्वच्छता, सुरक्षा, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण में योगदान जैसे विषयों को यात्रा से जोड़ते हुए श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं भी दीं।
यात्रा को बताया आस्था और एकता का महापर्व
अमरनाथ यात्रा की शुरुआत के साथ देशभर से हजारों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंच रहे हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि अमरनाथ यात्रा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की सदियों पुरानी आध्यात्मिक परंपरा और विविधता में एकता का जीवंत उदाहरण भी है। अलग-अलग राज्यों, भाषाओं और संस्कृतियों से आने वाले श्रद्धालु एक ही आस्था के सूत्र में बंधकर इस यात्रा को पूर्ण करते हैं।
यात्रा व्यवस्था में जुटे सभी लोगों का जताया आभार
प्रधानमंत्री ने यात्रा के सफल संचालन में योगदान देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्राइन बोर्ड, प्रशासन, सुरक्षा बल, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारी, सफाई कर्मी और सेवा कार्यों में लगे स्वयंसेवक पूरी निष्ठा के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों के आतिथ्य और विभिन्न स्थानों पर लगाए जा रहे भंडारों एवं लंगरों की भी सराहना की।
श्रद्धालुओं से पांच संकल्प अपनाने का आग्रह
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने अमरनाथ यात्रियों से पांच संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान स्वच्छता बनाए रखना प्रत्येक श्रद्धालु की जिम्मेदारी है। प्रशासन के निर्देशों और सुरक्षा नियमों का पूरी गंभीरता से पालन किया जाना चाहिए। साथ ही 'वोकल फॉर लोकल' की भावना के तहत यात्रा पर होने वाले खर्च का कम से कम दस प्रतिशत स्थानीय उत्पादों की खरीद पर खर्च करने का आग्रह भी किया, ताकि जम्मू-कश्मीर के लोगों की आजीविका को मजबूती मिल सके।
पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण का भी दिया संदेश
प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से अपील की कि अमरनाथ यात्रा के समापन पर रक्षाबंधन के अवसर पर अपने भाई या बहन को एक पौधा भेंट करें और 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को आगे बढ़ाएं। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ पूरे वर्ष अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का भी संकल्प लेने का आग्रह किया।
सुरक्षित और मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश के अंत में सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सफल और मंगलमय यात्रा की कामना की। उन्होंने विश्वास जताया कि बाबा अमरनाथ की यह यात्रा श्रद्धा, सेवा, सांस्कृतिक समरसता और राष्ट्रीय एकजुटता का प्रेरक आयोजन बनेगी। साथ ही उन्होंने प्रार्थना की कि बाबा बर्फानी की कृपा सभी श्रद्धालुओं पर बनी रहे और उनके जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मक सोच तथा आध्यात्मिक चेतना का संचार हो।