प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम में देशवासियों की भागीदारी और जागरूकता का जिक्र करते हुए कहा कि लोगों ने उनकी अपीलों को सकारात्मक तरीके से अपनाया है। उन्होंने बताया कि कई परिवारों ने सोने की खरीदारी को टालने, ईंधन की बचत करने और साझा यात्रा जैसे उपायों को अपनाना शुरू किया है। प्रधानमंत्री ने इसे संकट के समय सामूहिक जिम्मेदारी और सहयोग की मिसाल बताया।
सोना खरीदने से बचने के फैसले का जिक्र
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें देशभर से कई संदेश प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि अनेक परिवारों ने शादी और अन्य पारिवारिक कार्यक्रमों में नई खरीदारी की जगह पुराने सोने को दोबारा इस्तेमाल करने का निर्णय लिया है। उनका कहना था कि लोगों ने परिस्थितियों को समझते हुए जिम्मेदार सोच दिखाई है।
ईंधन बचाने के लिए बढ़ी कार पूलिंग
प्रधानमंत्री ने कहा कि कई लोगों ने कार पूलिंग को अपनाने के अनुभव साझा किए हैं। एक ही दिशा में जाने वाले लोग अब निजी वाहनों की संख्या कम करके साथ यात्रा कर रहे हैं। इससे ईंधन की बचत के साथ-साथ संसाधनों का बेहतर उपयोग भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश मुश्किल परिस्थितियों में सामूहिक प्रयास की ताकत दिखा रहा है।
आत्मनिर्भरता और सुरक्षा से जुड़ी उपलब्धियों का जिक्र
प्रधानमंत्री ने देश की रक्षा क्षमता और आत्मनिर्भरता से जुड़ी उपलब्धियों पर भी बात की। उन्होंने हाल में नौसेना बेड़े में शामिल हुए नए जहाजों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे देश की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी तकनीक के जरिए तैयार किए जा रहे संसाधन भारत की बढ़ती क्षमता का संकेत हैं।
योग और सामाजिक पहल की भी हुई चर्चा
कार्यक्रम में योग से जुड़ी उपलब्धियों और सामाजिक अभियानों का भी उल्लेख किया गया। प्रधानमंत्री ने अलग-अलग राज्यों में चल रही सकारात्मक पहलों का उदाहरण देते हुए कहा कि समाज में जागरूकता और भागीदारी से बड़े बदलाव संभव हैं। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए नई मिसाल पेश कर रहे हैं।
लोगों की भागीदारी बनी मुख्य संदेश
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की ताकत केवल नीतियों में नहीं बल्कि नागरिकों की सहभागिता में भी छिपी है। संकट के समय यदि समाज एकजुट होकर कदम उठाए तो बड़े बदलाव संभव हो सकते हैं। उन्होंने लोगों द्वारा भेजे गए अनुभवों को प्रेरणादायक बताया।