PM Modi SRCC : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शिक्षक दिवस के मौके पर दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) पहुंचे। कॉलेज इस साल अपनी स्थापना के 100 साल पूरे कर रहा है। ऐसे समय में पीएम मोदी का छात्रों के बीच पहुंचना खास माना जा रहा है। यहां युवाओं से सीधे बातचीत और उनके विचार जानने पर जोर रहेगा।
13 साल बाद फिर एसआरसीसी पहुंचे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी का एसआरसीसी से पुराना रिश्ता रहा है। वह इससे पहले वर्ष 2013 में गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए कॉलेज पहुंचे थे। अब करीब 13 साल बाद वह दोबारा यहां पहुंचे हैं, लेकिन इस बार देश के प्रधानमंत्री के तौर पर। कॉलेज के 100 साल पूरे होने का मौका भी इस यात्रा को खास बनाता है।
युवाओं से आमने-सामने बातचीत पर जोर
इस दौरे में सबसे ज्यादा ध्यान प्रधानमंत्री और छात्रों के बीच होने वाली बातचीत पर है। कॉलेज के विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई, करियर, भविष्य और देश से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखने का मौका मिलेगा। ऐसे सीधे संवाद से युवाओं की सोच और उनकी उम्मीदों को समझने की कोशिश की जा सकती है।
जेन-जी के बीच पहुंचने का भी संदेश
पीएम मोदी का यह कार्यक्रम ऐसे समय में हो रहा है, जब देश में युवाओं से जुड़े मुद्दे और जेन-जी की आवाज चर्चा में है। हाल के छात्र प्रदर्शनों के बाद राजनीतिक दलों का ध्यान भी युवा वर्ग की ओर बढ़ा है। भाजपा की ओर से भी युवाओं के साथ सीधे जुड़ने और विश्वविद्यालयों में संवाद बढ़ाने की योजना पर काम किया गया है।
एसआरसीसी से जुड़ी पीएम मोदी की पुरानी यादें
एसआरसीसी देश के जाने-माने कॉलेजों में गिना जाता है और इसकी स्थापना 1926 में हुई थी। 100 साल की यात्रा में कॉलेज ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। पीएम मोदी की पुरानी यात्रा और इस बार का शताब्दी समारोह, दोनों मिलकर इस कार्यक्रम को और खास बना रहे हैं।
इसे भी पढ़ें : नंबर और किताबों से कहीं बड़ा है ये रिश्ता, शिक्षक के जाने पर छलके बच्चों के आंसू
युवाओं की सोच पर रहेगी सबकी नजर
प्रधानमंत्री का छात्रों के बीच पहुंचना सिर्फ एक कॉलेज कार्यक्रम तक सीमित नहीं माना जा रहा। इस बातचीत में युवाओं की उम्मीदों, शिक्षा, रोजगार और देश के भविष्य जैसे विषयों को जगह मिलने की संभावना है। खासकर जेन-जी आंदोलन के बाद युवाओं के साथ यह सीधा संवाद राजनीतिक और सामाजिक नजरिए से भी चर्चा में है। हालांकि, इस कार्यक्रम का असली असर प्रधानमंत्री और छात्रों के बीच होने वाली बातचीत के बाद ही साफ होगा।