PM Modi Review Ministers Performance---Gen Z आंदोलन के बाद केंद्र सरकार के स्तर पर अब मंत्रियों के कामकाज और प्रदर्शन को लेकर सक्रियता बढ़ती नजर आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार शाम एक अहम समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में सामाजिक न्याय और सामाजिक कल्याण से जुड़े मंत्रालयों के कामकाज पर खास ध्यान रहेगा। शिक्षा और कृषि समेत कई क्षेत्रों की प्रगति, जवाबदेही और प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। आने वाले दिनों में ऐसी और बैठकें भी प्रस्तावित हैं।
सोमवार शाम होगी अहम समीक्षा बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार शाम मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा करेंगे। बैठक में सामाजिक न्याय और सामाजिक कल्याण से जुड़े विभागों को प्राथमिकता दी जाएगी। खास तौर पर राज्य मंत्री और स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों के एक वर्ग को समीक्षा बैठक में शामिल किया गया है। सरकार के स्तर पर इसे कामकाज की नियमित समीक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।
शिक्षा और कृषि मंत्रालय भी फोकस में
बैठक के एजेंडे में शिक्षा मंत्रालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और कृषि मंत्रालय समेत कई विभाग शामिल हैं। इन मंत्रालयों की योजनाओं और काम की प्रगति का आकलन किया जाएगा। साथ ही मंत्रियों की जवाबदेही और उनके प्रदर्शन पर भी चर्चा होने की संभावना है।
आने वाले दिनों में होंगी और बैठकें
यह समीक्षा सिर्फ एक बैठक तक सीमित नहीं रहेगी। अलग-अलग विभागों से जुड़े राज्य मंत्रियों के अन्य समूहों के साथ भी आने वाले दिनों में ऐसी बैठकें होने की बात कही गई है। इन बैठकों को मंत्रियों की परफॉर्मेंस से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसका असर भविष्य में होने वाले कैबिनेट फेरबदल में भी पड़ सकता है।
चुनावी राज्यों के बीच बढ़ी सक्रियता
2027 में उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे राजनीतिक माहौल के बीच सरकार के स्तर पर योजनाओं और मंत्रालयों के प्रदर्शन को लेकर निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है। समीक्षा बैठकों के जरिए काम की स्थिति, कमियों और सुधार की जरूरतों पर फोकस किए जाने की तैयारी है।
PM पहले भी दे चुके हैं लगातार समीक्षा पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले भी सरकारी योजनाओं और सुझावों को तय समयसीमा में लागू करने के साथ उनकी लगातार समीक्षा पर जोर दे चुके हैं। जल शक्ति मंत्रालय के राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान उन्होंने स्थानीय निकायों को भविष्य की पानी संबंधी जरूरतों के लिए तैयार रहने की बात कही थी। साथ ही जल संरक्षण तकनीकों और बेहतर समाधानों को बड़े स्तर पर लागू करने पर भी जोर दिया था।