राजधानी भोपाल में 31 मई को एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिलेगा, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देवी अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती पर आयोजित ‘महिला महाकुंभ’ में शामिल होंगे। इस विशाल सम्मेलन में 2 लाख से अधिक महिलाओं के शामिल होने की संभावना है। खास बात यह है कि इस पूरे आयोजन की सुरक्षा, संचालन और प्रबंधन की कमान महिलाओं के हाथों में होगी। मंच संचालन से लेकर वीआईपी गेस्ट हैंडलिंग और ट्रैफिक कंट्रोल तक सभी जिम्मेदारियां महिला पुलिस और अफसर निभाएंगी। पीएम मोदी का यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम माना जा रहा है। आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं और सुरक्षा को लेकर भी कड़े इंतज़ाम किए जा रहे हैं।
महिला शक्ति के हवाले आयोजन की बागडोर
इस ऐतिहासिक आयोजन में मंच संचालन, अतिथियों का स्वागत, भीड़ प्रबंधन और सभी व्यवस्थाएं महिला अफसरों द्वारा की जाएंगी। यह पहला मौका होगा जब इतनी बड़ी संख्या में महिलाएं प्रशासनिक और प्रबंधकीय भूमिकाओं में होंगी।
सुरक्षा में कोई चूक नहीं, ड्रोन रहेगा बैन
भोपाल पुलिस और एसपीजी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्लानिंग शुरू कर दी है। पांच किलोमीटर के दायरे में ड्रोन व अन्य उड़ने वाली वस्तुएं प्रतिबंधित रहेंगी। 3000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे, जिनमें महिला अफसरों की संख्या भी बड़ी होगी।
सशक्तिकरण योजनाओं की झलक और सम्मान
सम्मेलन में मध्यप्रदेश सरकार की विभिन्न महिला सशक्तिकरण योजनाएं प्रदर्शित की जाएंगी। साथ ही, प्रदेशभर से आई महिलाओं का सम्मान भी किया जाएगा। कार्यक्रम में पीएम मोदी देवी अहिल्या बाई होल्कर को समर्पित डाक टिकट और स्मृति सिक्के का विमोचन कर सकते हैं, जो इस आयोजन को ऐतिहासिक बना देगा।
बीजेपी चलाएगी विकास-विरासत अभियान
इस आयोजन से पहले 21 से 31 मई तक बीजेपी ‘विकास, विरासत’ अभियान चलाएगी। इसमें देवी अहिल्या बाई के जीवन मूल्यों और प्रेरणाओं को आमजन तक पहुंचाया जाएगा।