राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए देश की एकता और अखंडता पर बल दिया। गुजरात के केवडिया स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर आयोजित इस भव्य समारोह में पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए मजबूत और निर्णायक रुख अपनाए हुए है। उन्होंने सरदार पटेल की नीतियों को आज भी प्रासंगिक बताते हुए कहा कि घुसपैठ और वोट बैंक की राजनीति ने देश की एकता को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है।
सरदार पटेल की जयंती पर भव्य आयोजन
सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर गुजरात के केवडिया में गणतंत्र दिवस जैसी परेड और सांस्कृतिक झांकियों के साथ राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरदार पटेल असली लौह पुरुष थे, जिन्होंने देश की एकता के लिए हर संघर्ष का सामना किया। उन्होंने कहा कि इतिहास में सच्चाई दर्ज होनी चाहिए, न कि किसी राजनीतिक दल का तोड़-मरोड़कर लिखा गया संस्करण।
“घुसपैठियों से देश की एकता को खतरा”
पीएम मोदी ने कहा कि आज देश की आंतरिक सुरक्षा और एकता को घुसपैठियों से गंभीर खतरा है। दशकों से विदेशी घुसपैठिए देश के संसाधनों का दुरुपयोग कर रहे हैं और जनसंख्या संतुलन बिगाड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने वोट बैंक की राजनीति के कारण इस गंभीर समस्या को अनदेखा किया। उन्होंने कहा कि अब भारत ने पहली बार इस चुनौती का डटकर सामना किया है और देश की अखंडता की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए हैं।
“पूर्व की सरकारों ने दिखाई रीढ़विहीनता”
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने संप्रभुता को सर्वोच्च स्थान दिया था, लेकिन उनके निधन के बाद की सरकारों ने कमजोर रवैया अपनाया। उन्होंने कहा कि कश्मीर, पूर्वोत्तर और नक्सलवाद जैसी समस्याओं की जड़ उस दौर की नीतियों में थी। 2014 के बाद से सरकार ने नक्सलवाद और माओवादी आतंक पर निर्णायक कार्रवाई की है, जिससे देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत हुई है।
“एक भारत-श्रेष्ठ भारत का सपना साकार”
पीएम मोदी ने कहा कि सरदार पटेल का मानना था कि इतिहास लिखने में नहीं, इतिहास बनाने में समय लगाना चाहिए। उन्होंने आजादी के बाद 550 से अधिक रियासतों को जोड़कर जो कार्य किया, वह अद्भुत था। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर—हाईवे, एक्सप्रेसवे और वंदे भारत ट्रेनों के माध्यम से भारत एक बार फिर एकता की नई परिभाषा गढ़ रहा है।