Modi Prince Alois Meeting : भारत और लिकटेंस्टीन के संबंधों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में लिकटेंस्टीन के हेरेडिटरी प्रिंस एलॉइस के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की। इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा हुई। प्रिंस एलॉइस की यह भारत की दूसरी राजकीय यात्रा है। इससे पहले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी ने शाही जोड़े का औपचारिक स्वागत किया। इस यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि
भारत यात्रा के दौरान प्रिंस एलॉइस और उनकी पत्नी हेरेडिटरी प्रिंसेस सोफी ने राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। शाही जोड़े ने पुष्पांजलि समारोह में हिस्सा लिया और आगंतुक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी भी मौजूद रहे। राजघाट पर श्रद्धांजलि अर्पित करना भारत आने वाले विदेशी नेताओं के आधिकारिक कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। शाही जोड़े की इस यात्रा में औपचारिक बैठकों के साथ भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े कार्यक्रम भी शामिल रहे।
https://twitter.com/PTI_News/status/2114968828870586787
एस जयशंकर ने बताई रिश्तों की अहमियत
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी प्रिंस एलॉइस से मुलाकात की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि भारत की राजकीय यात्रा पर आए प्रिंस से मिलना उनके लिए खुशी की बात है। जयशंकर ने भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के बीच हुए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के संबंधों में कई क्षेत्रों में तेजी आ रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और प्रिंस एलॉइस की मुलाकात को लेकर भी उम्मीद जताई। भारत और लिकटेंस्टीन के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने में इस समझौते की अहम भूमिका मानी जा रही है।
https://twitter.com/DrSJaishankar/status/2114948823953080548
प्रिंस एलॉइस ने भारत को बताया अहम साझेदार
राष्ट्रपति भवन में आयोजित स्वागत समारोह के दौरान प्रिंस एलॉइस ने भारत आने पर सम्मान महसूस करने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह राजकीय यात्रा दिखाती है कि लिकटेंस्टीन भारत के साथ अपने संबंधों को कितना महत्व देता है। उन्होंने भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के बीच हुए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते को भी महत्वपूर्ण कदम बताया। यह समझौता एक साल पहले लागू हुआ था। प्रिंस एलॉइस के मुताबिक, दोनों देश मौजूदा सहयोग को आगे बढ़ाने और आपसी संबंधों को अधिक मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
ये भी पढ़ें : Highway Toll Plaza के पास रहने वालों को राहत, अब ₹1,500 में बनेगा सालाना पास
इन पांच क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की तैयारी
प्रिंस एलॉइस ने भारत और लिकटेंस्टीन के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने की बड़ी संभावनाएं बताईं। उन्होंने खास तौर पर नवाचार, उन्नत विनिर्माण, वित्तीय सेवाओं, शिक्षा और तकनीक जैसे क्षेत्रों का जिक्र किया। इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से दोनों देशों के कारोबार और निवेश के अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है। भारत की बड़ी अर्थव्यवस्था और लिकटेंस्टीन की विशेषज्ञता मिलकर नए अवसर तैयार कर सकती है। हालांकि, इस यात्रा के दौरान इन क्षेत्रों में किसी नई परियोजना या निवेश की निश्चित घोषणा का विवरण सामने नहीं आया है।
TEPA समझौते से बढ़ेंगी व्यापार की संभावनाएं
भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के बीच व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौता दोनों पक्षों के संबंधों में अहम भूमिका निभा रहा है। इस संघ में लिकटेंस्टीन के अलावा आइसलैंड, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड शामिल हैं। समझौते का उद्देश्य व्यापार और आर्थिक सहयोग के अवसर बढ़ाना है। प्रिंस एलॉइस की भारत यात्रा और प्रधानमंत्री मोदी के साथ बातचीत से दोनों देशों के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दिखाई देता है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि बैठकों में बनी सहमति को आर्थिक सहयोग और व्यापार के स्तर पर किस तरह आगे बढ़ाया जाता है।